पलवल: हरियाणा के पलवल थाना परिसर में एक महिला सब इंस्पेक्टर के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है. इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. महिला एसआई के साथ गैंगरेप के इस मामले ने महिला सुरक्षा के दावों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं. मिरर नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है.

महिला एसआई के साथ गैंगरेप को थाना परिसर के अंदर अंजाम दिया गया जो कि चौंकाने वाला विषय है. अब थाने ही महफूज नहीं हैं तो सुरक्षा की उम्मीद किस से की जाए यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. आंकड़े कहते हैं कि हरियाणा में 31 मई 2018 तक हरियाणा में गैंगरेप के 70 मामले दर्ज किए गए हैं. हरियाणा पुलिस ने 2017 में महिला उत्पीड़न के आंकड़े जारी किए थे.

इन आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में रेप के कुल 1238 मामले दर्ज किए गए. इसके अलावा 141 अटेम्ट टू रेप, 2039 मोलेस्ट्रेशन, 285 ईव टीजिंग, 2432 किडनैपिंग और 3010 मामले दहेज के दर्ज किए गए. इन आंकड़ों के मुताबिक, साल 2017 में हरियाणा में औसतन प्रतिदिन रेप के चार मामले दर्ज किए गए. ये आंकड़े राज्य के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की भी पोल खोलते हैं.

महिला उत्पीड़न का मामला सिर्फ हरियाणा ही नहीं बल्कि बल्कि देशभर की सरकारों के लिए चुनौती बना हुआ है. रेप, छेड़छाड़ और उत्पीड़न के मामले हर दिन अखबारों में छाए रहते हैं. लेकिन जिस तरह का मामला पलवल से सामने आया है यह ऐसे मामले रोकने वाले पुलिस प्रशासन पर भी सवाल खड़ा करता है कि जब पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम आदमी की सुरक्षा के लिए किसके भरोसे रहें.

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