कोलकाता: कहते हैं प्यार ना धर्म देख कर होता है ना जात देख कर बल्कि प्यार कब कहां किससे कैसे हो जाए इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता. प्यार का एक ऐसा ही मामला सामने आया है जहां हत्या के मामले में जेल की सजा काट रहे दो कैदियों को एक नाटक के मंचन की तैयारी करते हुए आपस में प्यार हो गया. जब जेल के अधिकारियों को उनके इस प्यार की खबर लगी तो अधिकारियों ने दोनों की मदद करते हुए जेल परिसर में ही उनकी शादी की तैयारियां कर शहनाई के बीच दोनों की शादी करवा दी.

मामला पश्चिम बंगाल के बहरामपुर का है जहां की जेल में हत्या के मामले में सजा काट रही रूना बीबी और वीरभूम जिले के लाबपुर निवासी बुद्धदेव जो की एक हत्या के मामले में सजा याफ्ता है. दोनों को एक नाटक की तैयारी करने के दौरान आपस में प्यार हो गया. जिसके बाद जेल के अधिकारियों को इन दोनों की लव स्टोरी की खबर लगी तो अधिकारियों ने इन दोनों की स्टोरी को सफल बनाने के लिए कोशिशें तेज कर दी. जिसके चलते जेल में ही मंडप और शहनाई के बीच दोनों कैदियों की शादी को पूरा करवाया गया.

जेल में महिला और पुरुष दोनों कैदियों के बैरक अलग होने के चलते दोनों की मुलाकात को अधिकारी संभव नहीं कर सके. इन दोनों की लव स्टोरी शुरु हुई एक नाटक के मंचन की तैयारी करते वक्त जिसके बाद इनका प्यार परवान चढ़ता गया. इन नाटकों के मंचन की शुरुआत 2006 में तत्तकालीन आईजी (जेल) बीडी शर्मा की पहल पर अभिनेता प्रदीप भट्टाचार्य के साथ जेल में सजा काट रहे लोगों को लेकर नाटक के मंचन की शुरुआत की थी. उसी क्रम में चलते हुए एक नाटक की प्रेक्टिस के दौरान दोनों मिले और एक दूसरे को दिल दे बैठे.

करीब 11 साल की लंबी प्रेम कहानी के बाद दोनों को शादी के बंधन में बांधने के लिए जेल अधिकारियों ने जिम्मेदारी उठाई जिसके चलते मंगलवार की शाम जेल में दोनों की शादी रचा दी गई. इन दोनों की शादी के मौके पर आर्शिवाद देने के लिए दोनों के परिजन के अलावा जेल और जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे थे.

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