नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और विधायक सौरभ भारद्वाज ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता को संबोधित किया। आम आदमी पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली के अंदर जल्द मानसून दस्तक दे सकता है। इस दौरान दिल्ली की अंदरूनी सड़कों पर जलभराव होगा। दिल्ली के गांव, शहरी गांव, कॉलोनियों, डीडीए फ्लैट, जनता फ्लैट, अवैध कॉलोनी सहित सभी कॉलोनियों की आंतरिक सड़कें और गलियां एमसीडी के पास हैं। इसके अलावा उनके अंदर जो नालियां-नाले हैं वह सभी भी एमसीडी के अधीन आते है।

आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा शासित एमसीडी ने अंदरूनी नालियों-नालों से गाद निकालने के नाम पर भ्रष्टाचार किया है। कॉलोनियों में पांच फीसदी नालियों-नालों की भी सफाई नहीं हुई है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम कह रहा है कि 9883 मीट्रिक टन गाद (सिल्ट) निकाली है औऱ दक्षिणी दिल्ली नगर निगम का दावा है कि 35 हजार मीट्रिक टन सिल्ट निकाली है, जबकि हकीकत यह है कि गाद नहीं निकाली गई है।

उन्होंने कहा कि मानसून में सभी कॉलोनियों के अंदर पानी भरेगा क्योंकि नालियां-नाले अभी भी सिल्ट से भरे हुए हैं। बारिश में पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य रास्तों पर आएगा। दक्षिणी नगर निगम के कमिश्नर ज्ञानेश भारती बताएं कि किस कॉलोनी की कौनसी नाली से सिल्ट निकाली गई है। उनके साथ हम वहां पर देखने की लिए चलेंगे। निगम अफसरों और नेताओं की मिलीभगत से नालियों से सिल्ट निकालने के नाम पर करोड़ों रुपए की लूट की गई है। ठेकेदारों को भुगतान करने के बाद करोड़ों रुपये बांटे गए हैं।

5 फीसदी नालियों को भी इन्होंने खोल करके नहीं देखा

एमसीडी की रिपोर्ट दिखाते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम का कहना है इस साल उन्होंने 9883 मीट्रिक टन गाद (सिल्ट) अलग-अलग कॉलोनियों की नालियों से निकाली हैं। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम का कहना है कि उन्होंने 35,705 मीट्रिक टन सिल्ट अलग-अलग नालियों से निकाल दी है। जबकि हकीकत यह है कि गाद नहीं निकाली गई है। इसके दो बड़े सबूत हैं, जिसको कहीं पर भी वेरीफाई कर सकते हैं। ग्रेटर कैलाश, साउथ एक्स, ईस्ट कैलाश सहित किसी भी कॉलोनी के अंदर चले जाइए। उनसे पूछिए कि क्या उन्होंने एमसीडी के अधिकारियों-कर्मचारियों को इन नालों को खोलकर गाद निकालते हुए देखा है। मैं दावे से बता सकता हूं कि 5 फीसदी नालियों को भी इन्होंने खोल करके नहीं देखा है, गाद निकालने की तो बहुत अलग बात है। इसका भले आप सर्वे कर लीजिए।

35 हजार से अधिक मीट्रिक टन सिल्ट निकाल दी

दक्षिणी एमसीडी कह रही है कि 35 हजार से अधिक मीट्रिक टन सिल्ट निकाल दी। उत्तरी नगर निगम कह रहा है कि 9883 मीट्रिक टन सिल्ट निकाल दी है। इसका दूसरा जब बरसात होगी, उस दिन आपके सामने आ जाएगा। सभी कॉलोनियों के अंदर पानी भरेगा, क्योंकि नालियां और नाले मिट्टी और सिल्ट से आज भी भरे हुए हैं। जब बारिश होगी तो पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य रास्तों पर पहुंच जाएगा।

दिल्ली नगर निगम ने लगभग 30 से 40 करोड़ रुपये का भुगतान किया होगा

सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि 35 हजार मीट्रिक टन सिल्ट निकालने के लिए दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने लगभग 30 से 40 करोड़ रुपये का भुगतान किया होगा। ऐसे जब कुछ काम नहीं हुआ है तो एमसीडी के जो दक्षिणी नगर निगम के कमिश्नर ज्ञानेश भारती से सीधा सीधा सवाल है कि वह सड़क पर निकलें और बताए कि कहां से सिल्ट निकाली गई है। वह बताएं कि हमें कौन से गांव और कॉलोनी के अंदर आना है। वहां पर चलकर हम देखते हैं कि कहां पर गाद निकाली गई है।

उन्होंने कहा कि 35 हजार मीट्रिक टन सिल्ट के नाम पर सिर्फ और सिर्फ अफसरों और नेताओं की मिलीभगत से करोड़ों रुपए की लूट की गई है। ठेकेदारों को भुगतान किया गया है और फिर वह बांटी गई है। हम दावे के साथ कह सकते हैं कि सारा का सारा पैसा लूटा गया है। एमसीडी ने कोई गाद निकालने का काम नहीं किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस को सुनने वाले लोग जानते होंगे कि यह बात बिल्कुल सच है कि कहीं पर भी गाद निकालने का काम नहीं किया गया है।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली के सिर्फ मुख्य रास्तों पर गाद निकालने का काम देखा होगा क्योंकि जो पीडब्ल्यूडी की सड़कें हैं वह दिल्ली सरकार के अधीन हैं। वहां पर पिछले 2 महीने के अंदर मैन हॉल को खोलकर गाद निकालने का काम किया गया है। उसमें से कुछ गाद अभी भी सड़क के किनारे रखी होगी और कुछ जगह से उठा ली गई होगी। लेकिन एमसीडी की सड़कों पर गाद निकालने का काम नहीं हुआ। दिल्ली की कॉलोनियों में जलभराव की समस्या को एक सप्ताह के बाद देखेंगे। दूसरी तरफ करोड़ों रुपए की भुगतान ठेकेदारों को कर दी जाएगी और फिऱ वह पैसा मिल बांट के खा लिया जाएगा।

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