नई दिल्ली. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नई हेली नीति की घोषणा की है। देश में हेली-सेवा और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नई नीति में 10 प्रमुख बिंदुओं पर फोकस किया है। वर्तमान में देश में मात्र 190 हेलीकॉप्टर-सेवाएं संचालित हैं। नई नीति में आपातकालीन हेलीकॉप्टर-मेडिकल सेवा के लिए दिल्ली मुंबई, अंबाला-कोटपुली, अंबाला-भटिंडा-जामनगर के बीच एक्सप्रेस-वे विकसित किया जाएगा। जिससे मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सके।

मुंबई में बनाए जाएंगे 4 हेली हब

इसके अलावा मुंबई के जुहू, गुवाहाटी, दिल्ली और बंगलूरू में चार हेली हब बनाए जाएंगे। देश के 10 शहरों में 82 रूटों को हेलिकॉप्टर कॉरिडोर विकसित करने के लिए चिन्हित किया गया है। प्रारंभ में चार हेलिकॉप्टरों के साथ छह मार्गों को चालू किया जाएगा। जो जुहू-पुणे, मालालक्ष्मी रेस कोर्स-पुणे, गांधीनगर-अहमदाबाद के बीच होंगे। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हेलीकॉप्टर संचालन की अनुमति के लिए केंद्रीकृत हेली सेवा पोर्टल बनाया गया है। जिससे हेली कंपनियों ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी, इसके लिए चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। हेली कंपनियों को देश में कहीं भी हेलिकॉप्टर की लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में छूट दी जाएगी। भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण और हवाई यातायात नियंत्रण के अधिकारियों को हेली सेवाओं से संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए प्रशिक्षित कर और संवेदनशील बनाया जाएगा।

तीन एक्सप्रेस-वे विकसित किए जाएंगे

आपातकालीन हेलीकॉप्टर चिकित्सा सेवा के लिए देश में तीन एक्सप्रेस-वे विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा चार शहरों में हेली हब बनाए जाएंगे। एयर ट्रैफिक समस्या को दूर करने के लिए विमान और हेली सेवाओं के रूट पृथक रखे जाएंगे। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने देश में कहीं भी हेली-सेवाओं को लैंडिंग और पार्किंग शुल्क से मुक्त रखे जाने, जबकि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने एयर-फ्यूल पर लगने वाले वेट में 18 प्रतिशत की छूट की घोषणा भी की है। गौरतलब है कि देहरदून में केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय, फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स (फिक्की), उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सहयोग से तीसरे हेली सम्मेलन में नई हेली नीति की घोषणा की। हेली उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नई नीति बनाई है।

एक सलाहकार निकाय का गठन होगा

हेलीकॉप्टर उद्योग के लिए नियामकीय सुगमता में सुधार के लिए एक सलाहकार निकाय का गठन किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री बताया कि देश के हर जिले के जिलाधिकारी को हेली दिशा पुस्तिका दी जाएगी। जिसमें हेलीकाप्टर संचालन के लिए मानकों की जानकारी होगी। सरकार का प्रयास है कि डिजिटल के माध्यम से हेली सेवा संचालन की अनुमति देकर मानवीय दखल कम किया जाए। रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर नागरिक उड्डयन नियमों के अनुरूप वायु रक्षा मंजूरी को पहले आधे घंटे के बजाय तीन घंटे तक बढ़ा दिया गया है। इससे हेली सेवाओं के संचालन में बड़ी राहत मिलेगी।

 

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