पटना. नागमणि कुशवाहा द्वारा रिश्वतखोरी और पैसे लेकर टिकट बेचने के आरोप पर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने माना कि उन्होंने जरूरत के लिए पैसे लिए, लेकिन कोई टिकट नहीं बेचा. नागमणि कुशवाहा रालोसपा के पूर्व चीफ कार्यकारी अध्यक्ष रह चुके हैं. उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, मैंने दवाब में पैसे खर्च नहीं कराए.

उन्होंने कहा, मेरी इतनी हैसियत नहीं कि अपने खर्च पर विदेश जा सकूं. इसलिए प्रदीप मिश्रा ने मुझे विदेश घुमाया. यह अपराध नहीं है. कुशवाहा ने कहा कि अभी टिकट का बंटवारा भी नहीं हुआ है तो मैं टिकट कैसे बेच सकता हूं. उन्होंने कहा कि प्रदीप मिश्रा ने टिकट मांगा था. मुझ पर कोई करप्शन का आरोप नहीं लगा सकता. मैं सीबीआई जांच के लिए भी तैयार हूं.

दरअसल नागमणि कुशवाहा ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उपेंद्र कुशवाहा पर आरोप लगाया था कि उन्होंने मोतिहारी सीट को 9 करोड़ रुपये में बेच दिया. इस दौरान उनके साथ रालोसपा के जनरल सेक्रेटरी अभ्यानंदन सुमन, वाइस प्रेजिडेंट सत्यें कुमार, पार्टी महासचिव मनोरंजन कुशवाहा, प्रदीप मिश्रा समेत कई पार्टी नेता मौजूज थे. नागमणि ने बताया कि जल्द हम लोग जेडीयू में शामिल होंगे.

नागमणि ने उपेंद्र कुशवाहा पर प्रदीप मिश्रा से लोकसभा सीट के एवज में पैसे बटोरने का आरोप लगाया. उन्होंने आरोप लगाया कि उपेंद्र सपरिवार विदेश प्रदीप के पैसे से गए. उन्होंने कुशवाहा के ऊपर पौने दो करोड़ रुपये का खर्चा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि उपेंद्र वैशाली जिले के जंहादा में एक मॉल भी बनवा रहे हैं, जिसके लिए उन्होंने डेढ़ करोड़ रुपये लिए हैं. इसके अलावा प्रदीप ने उनके अकाउंट में 90 लाख रुपये भी डाले हैं. कुशवाहा ने कहा कि उन्होंने उपेंद्र की तानाशाही के चलते पार्टी छोड़ी है.

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