लखनऊ:  यूपी में 69 हजार शिक्षक भर्ती घोटाला (69,000 Teacher Recruitment Scam) मामले में परीक्षा के टॉपर को गिरफ्तार किया गया है। परीक्षा के टॉपर धर्मेंद्र पाल को प्रयागराज के सोरांव थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कि गया। इस मामले में धर्मेंद्र के साथ 7 अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी की गई है। जानकारी के मुताबिक जांच अधिकारियों के राडार पर 50 से ज्यादा सफल अभ्यर्थी रडार पर हैं। दरअसल, परीक्षा में टॉपर धर्मेंद्र को 150 में से 140 अंक हासिल हुए थे। लेकिन बाद में खबर आई कि मामले में धांधली हुई है, क्योंकि धर्मेंद्र कुमार पटेल को देश के राष्ट्रपति का नाम तक नहीं पता। धर्मेंद्र सामान्य ज्ञान के साधारण सवालों का भी जवाब नहीं दे पाया था। अब इस मामले की जांच एसटीएफ करेगी।

गौरतलब है कि इस मामले में प्रतापगढ़ के रहने वाले राहुल सिंह ने सोरांव थाने में कृष्म लाल पटेल समेत 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। राहुल का आरोप था कि 69 हजार शिक्षक भर्ती के दौरान आरोपियों ने परीक्षा पास कराने के लिए 7.50 लाख रुपये कैश दिए थे।

जब एक जून को परीक्षा का रिजल्ट आया तो पता चला कि राहुल का नाम उसमें नहीं है। जिसके बाद पीड़ित ने मामला थाने में दर्ज कराया। ज्ञात हो कि इस संबंध में पुलिस ने 8 नामजद आरोपियों में से 7 को हिरासत में लिया और पूछताछ की। पुलिस को आरोपियों के पास से 756000 नकद और दूसरे डाक्यूमेंट्स बरामद हुए थे।

इस मामले पर विपक्षी दल लामबंद हो गए हैं। कांग्रेस महासिचव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) इस मुद्दे पर खासा आक्रामक हैं। उन्होंने शिक्षक भर्ती घोटाला की तुलना मध्य प्रदेश के ‘व्यापम’ घोटाले (Vyapam Scam) से की है। कांग्रेस की महासचिव ने कहा कि 69 हजार शिक्षक भर्ती घोटाला यूपी का व्यापम घोटाला है। डायरियों में अभ्यर्थियों के नाम, परीक्षा केंद्र में हेर-फेर और पैसे का लेनदेन बड़े रैकेट की औओर इशारा करते हैं। प्रियंका गांधी ने कहा कि इन सब बातों से अंदाजा लगता है कि इसके तार काफी जगहों पर जुड़े हैं।

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