नई दिल्ली : उत्तरप्रदेश में शराब पीने वालों के लिए अबकारी विभाग ने नई नीति जारी की है. दरअसल, प्रदेश में अब शराब के शौकीन घर में तय सीमा से अधिक शराब नहीं रख सकते हैं इसके लिए यूपी सरकार से लाइसेंस लेना होगा. साथ ही आपको 12 हजार रुपये हर साल लाइसेंस के रूप में सरकार को देना होगा और सरकार को 51 हजार रुपये आबकारी विभाग को बतौर सिक्योरिटी देनी होगी. अगर अब से बिना लाइसेंस के घर में तय मात्रा से अधिक शराब रखी तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

नई नीति के अनुसार, अब एक व्यक्ति को प्रत्येक देशी और भारतीय निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) की 1.5 लीटर शराब और बीयर की चार बोतलें घर में रख सकता है. इस नीति के तहत, उत्पाद विभाग प्रति वर्ष 12,000 का शुल्क लेगा. वहीं आवेदन करते समय, लोगों को गारंटी राशि / सुरक्षा धन के रूप में 51,000 भी जमा करना होगा. जमा धन को जिला आबकारी अधिकारी के पास गिरवी रखना होगा.

नीति के तहत, आवेदकों को इस संबंध में शपथ-पत्र भी देना होगा कि 21 साल से कम उम्र की आयु के व्यक्ति का शराब रखे जाने वाली जगह पर प्रवेश वर्जित होगा. साथ ही ऐसी जगह पर उत्तर प्रदेश की तरफ से मान्य शराब के अलावा कोई अवैध शराब या कोई और पदार्थ नहीं रखा होना चाहिए.

इसके अलावा यूपी सरकार की तरफ से जारी की गई नई नीति के अनुसार, देशी और अंग्रेजी शराब के अलावा बीयर और भांग की फुटकर दुकानों व मॉडल शॉप के लाइसेंस भी रिन्यू किए जाएंगे. देशी और अंग्रेजी शराब की फुटकर दुकानों के साथ मॉडल शॉप की लाइसेंस फीस में महज 7.5 फीसदी वृद्धि की गई है.

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