लखनऊ. यूपी से एक और जिले में नदी में लाश फेकने का मामला सामने आया है। बलरामपुर में एक कोरोना मृतक का अंतिम संस्कार करने की बजाय परिवार ने शव को राप्ती नदी में फेंक दिया। इसका एक वीडियो भी सामने आया है।

मामला बलरामपुर के सिसई घाट के पास पुल का है। यहां पर 29 मई को कुछ लोग पुल से गुजर रहे थे। वह बारिश का वीडियो बनाते हुए रोड से गुजर रहे थे। उसी दौरान उनकी नजर पुल के ऊपर पीपीई किट पहने एक शख्स पर पड़ी। इस वीडियो में दो लोग एक कोरोना मरीज का शव नदी में फेंकते नजर आ रहे हैं। वीडियो में जो दो लोग शव को नदी में फेंक रहे हैं उनमें से एक ने पीपीई किट पहनी है जबकि दूसरा काले रंग के कपडे़ पहने है। वीडियो वायरस होने के बाद प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।

लॉकडाउन की वजह से प्रेमनाथ बलरामपुर में अपने भतीजे संजय शुक्ला के घर रहने लगे। 25 मई को उनकी हालत बिगड़ी तो संजय शुक्ला ने उन्हें जिला हॉस्पिटल में एडमिट कराया। जांच में उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

इसके बाद उन्हें जिले के संयुक्त चिकित्सालय में शिफ्ट कर दिया गया। 3 दिन इलाज चलने के बाद 28 मई को प्रेमनाथ की मौत हो गई। कोरोना का डर कहें या कुछ रुपए बचाने के लिए संजय शुक्ला ने प्रेम नाथ का अंतिम संस्कार न करने का फैसला लिया। उन्होंने एक सफाई कर्मी मनोज को 1500 रुपए और राप्ती श्मशान घाट पर काम करने वाले चंद्र प्रकाश को 1000 रुपए देकर शव को जल प्रवाहित करने के लिए कह दिया। लेकिन दोनों ने शव में पत्थर बांधकर पुल से ही फेंक दिया।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने प्रेम नाथ के भतीजे संजय शुक्ला और सफाईकर्मी मनोज को गिरफ्तार कर लिया है। चंद्र प्रकाश अभी फरार है। 

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