लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सूबे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े बयान देते हैं लेकिन प्रदेश का एक शहर रेप कैपिटल बन गया है. प्रदेश का उन्नाव शहर देश में रेप कैपिटल के नाम से जा रहा है, ये हम नहीं इस शहर के 11 महीने के क्राइम के आंकडे बता रहे हैं.

उन्नाव में कुलदीप सेंगर रेप केस में अभी कोई फैसला नहीं आया था इसी बीच शहर में जिस तरह से एक युवती को जिंदा जलाकर मारा है उसे देखकर ऐसा लग रहा है कि शहर का क्राइम पुलिस से संभाला नहीं जा रहा है. भले ही सरकार बाद में परिवार के लिए कितनी भी मदद का ऐलान करे लेकिन वह किसी काम की नहीं होती है.

उन्नाव शहर में पिछले 11 महीनों के आंकड़ों को देखें तो यहां 86 रेप, 185 यौन उत्पीड़न की घटनाओं के मामले सामने आए हैं. ये आंकड़े जनवरी से नवंबर के बीच महिलाओं के उपर हुए यौन उत्पीड़न के हैं. सबसे बड़ी बात ये है कि शहर उन्नाव प्रदेश की राजधानी लखनऊ से महज 63 किलोमीटर दूर है. रेप और छेड़खानी के अधिकतर केस उन्नाव के अजगैन, माखी और बांगरमऊ में दर्ज किए गए हैं. उन्नाव के कुलदीप सेंगर रेप केस को लेकर देश भर में चर्चा हुई थी लेकिन पीड़िता के मरने के बाद भी कोई इंसाफ नहीं मिलता हुआ नजर आ रहा है.

प्रदेश में बढ़ते अपराध पर लोगों ने कहा है कि इस सब के पीछे पुलिस जिम्मेदार है. इसके साथ ही कुछ लोगों ने इसकी वजह राजनीति को भी बताया है क्योंकि शहर में काफी राजनीति है और इसका फायदा अपराधी भी उठाते हैं. पुलिस अपराध को देखते हुए भी खामोश रहती हैं क्योंकि यहां के राजनेताओं के आगे वह मजबूर नजर आती है.

ये वही उन्नाव है जहां से यूपी के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक और बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ताल्लुक रखते हैं. वहीं उन्नाव केस को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा दुनियाभर में भारत की रेप कैपिटल के रूप में बदनामी हो रही है.

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