Monday, January 30, 2023

.. अभी अंकिता को नहीं मिली थी पहली सैलेरी, वेतन की जगह मिली मौत

देहरादून. अंकिता हत्याकांड की आग अब तक बुझी नहीं है, भले ही अंकिता का अंतिम संस्कार कर दिया गया है लेकिन अब तक उसकी चीता की आग भी नहीं बुझी है. अंकिता के दोषियों को भले ही गिरफ्तार कर लिया गया हो, लेकिन उनकी सजा का अब तक ऐलान नहीं हुआ है. अंकिता भंडारी ऋषिकेश के वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं और गेस्ट को स्पेशल सर्विस देने से इनकार करने पर उसकी हत्या कर दी गई, अंकिता गाँव में रहती थी लेकिन अपने परिवार का पेट पालने के लिए उसने घर से दूर नौकरी करनी शुरू की थी.

अंकिता बचपन से ही एक मेधावी छात्रा था, परिवार के पास ज्यादा पैसे नहीं थे फिर भी उसे अच्छे से पढ़ाया-लिखाया गया. वह जब बड़ी हुई तब उसे लगा कि उसे अपने परिवार के लिए कोई काम करना चाहिए, जिससे उनकी आर्थिक हालत थोड़ी सुधर सके. उसे इंटरनेट से रिसॉर्ट पर नौकरी का पता चला था, उसे जब जॉब मिली, तब वो बहुत खुश थी. घर से दूर रहकर वो नौकरी कर रही थी, हर रोज़ वो अपनी मम्मी से फोन पर बात करती थी लेकिन 18 सितंबर को अचानक उसका मोबाइल बंद हो गया.
28 अगस्त को अंकिता घर से ऋषिकेश नौकरी के लिए निकली थी, 1 सितंबर से उसकी जॉइनिंग थी. उसकी नौकरी को 20 दिन भी नहीं बीते कि उसकी हत्या कर दी गई, उसकी पहली सैलेरी भी नहीं आई कि उसके मौत की खबर आ गई.

अंकिता के भाई ने उठाए सवाल

इस मामले में अंकिता के भाई अजय भंडारी ने बुलडोजर एक्शन पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि रिज़ॉर्ट में आरोपी पुलकित के खिलाफ कोई सबूत न रह जाए इसलिए बुलडोज़र कार्रवाई की गई है. अंकिता के भाई ने रिज़ॉर्ट पर बुलडोज़र कार्रवाई किए जाने पर सवाल उठाया है और कहा है कि ये सब सबूत मिटाने के लिए किया गया है. उसके भाई ने सवाल उठाया है कि आखिर इतनी क्या जल्दी थी कि रिज़ॉर्ट पर आनन-फानन में बुलडोज़र कार्रवाई की गई. वहीं, अंकिता के भाई ने यह भी आरोप लगाए हैं कि नहर में फेंकने से पहले अंकिता के साथ मारपीट भी की गई थी.

 

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