नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के अध्यक्ष और सांसद भगवंत मान ने तीन काले कृषि कानूनों के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि मोदी सरकार की जिद और तानाशाही रवैया, किसान आंदोलन और मजबूत कर रही है। केंद्र सरकार की छाती पर बैठा पंजाब का अन्नदाता आंदोलन को जीते बगैर वापस नहीं लौटेगा।

भगवंत मान ने सोमवार को लगातार दसवीं बार संसद में ‘काम रोको प्रस्ताव’ पेश किया और किसान विरोधी काला खेती कानून को रद्द करने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने यह भी मांग की कि संसद में सूचीबद्ध मुद्दों को खत्म कर दिया जाए और किसानों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर प्राथमिकता से चर्चा कर इन कानूनों को निरस्त किया जाए। उन्होंने कहा कि संविधान के दायरे में पिछले आठ महीनों से चल रहे शांतिपूर्ण किसान आंदोलन की प्रशंसा दुनियाभर में हो रही है।

मान ने कहा कि मोदी सरकार किसानों के संघर्ष को जितना नजरअंदाज करेगी, किसान आंदोलन उतना ही मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को अपने अड़ियल रुख को छोड़कर पिछले 8 महीनों से भी अधिक समय से आंदोलन कर रहे देश के अन्नदाता के बारे में सोचना चाहिए।

आप सांसद ने कहा कि दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के दौरान देश के सैकड़ों ‘अन्नदाता’ शहीद हो चुके हैं। सरकार को चाहिए था कि इस काले कृषि कानूनों को तुरंत रद्द करे ताकि किसान और उनके परिवार खुशी-खुशी अपने घरों को लौट सकें। भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी शुरू से ही किसानों के साथ खड़ी रही है और हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी और उनके हक के लिए लड़ेगी।

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