Taliban Vs Panjshir

अफ़ग़ानिस्तान में पूरी तरह तालिबानी हुकूमत का कब्ज़ा है. तालिबान बुरी तरह अफ़ग़ानिस्तान पर हावी है. ऐसे में अफ़ग़ानिस्तान  पास केवल पंजशीर था जिसपर तालिबानियों का कब्ज़ा नहीं था, लेकिन यह तालिबानियों (Taliban Vs Panjshir) ने पंजशीर की ओर भी कदम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं. तालिबान और रेजिस्टेंस ग्रुप के बीच पंजशीर को लेकर भीषण जंग जारी है, पंजशीर के जवान डटे हुए हैं अपने देश को बचाने के लिए. ऐसे में दोनों ही पंजशीर पर अपनी जीत का दावा कर रहे हैं.

आखिर किसने किया पंजशीर पर कब्ज़ा

अफ़ग़ानिस्तान की पंजशीर घाटी में तालिबान और रेजिस्टेंस ग्रुप के बीच जंग जारी है, ऐसे में दोनों ही एक दूसरे पर जीत का दावा कर रहे हैं. दोनों ही तरफ से खून की धाराएं बह रही हैं. तालिबान पंजशीर पर अपनी हुकूमत का दावा कर रहा है. तालिबानियों का कहना है कि उन्होंने पंजशीर पर फतेह हासिल कर ली है और इसी खुशी में तालिबान ने काबुल में हवाई फायरिंग भी की, जिसमें 3 लोगों के मौत और कइयों के घायल होने की खबरें आईं हैं.
वहीं दूसरी ओर, अफ़ग़ानिस्तान तालिबान के हर दावे को नकारते हुए कह रहा है कि अभी भी पंजशीर पर उनका कब्ज़ा है. तालिबान ने पंजशीर को नहीं हथियाया है, पंजशीर पर अभी भी अफ़ग़ानिस्तान अपनी बढ़त बनाए हुए है. इसपर अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व उप-राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कहा है कि ‘हमारी सेना तालिबानियों का डटकर मुकाबला कर रही है. वे आतंकियों के निशाने पर हैं और इस खतरे के लिए सिर्फ और सिर्फ पाकिस्तान जिम्मेदार है. उन्होंने खुद के ताजिकिस्तान भागने का भी खंडन किया है. सालेह ने कहा है कि वे अभी भी पंजशीर में हैं और तालिबानियों से लड़ रहे हैं. बता दें, अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबानी कब्जे के बाद तालिबान के राष्ट्रपति अशरफ गनी और उप-राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह अफ़ग़ानिस्तान को तालिबानी क्रूरता के हवाले कर भाग गए थे.

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