नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए पंचायत चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को फटकार लगाई है. राज्य चुनाव आयोग से सुप्रीम कोर्ट ने जिन सीटों पर निर्विरोध प्रत्याशी जीते हैं, उन सभी का ब्योरा मांगा है. सुप्रीम कोर्ट राज्य के पंचायत चुनाव में 34% सीटों पर निर्विरोध जीत पर सख्त नजर आया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राज्य चुनाव आयोग तो राज्य में चुनाव व्यवस्था का गार्जियन है.

 सुप्रीम कोर्ट ने बड़े पैमाने पर हुए निर्विरोध चुनाव को लेकर पूछा कि पंचायतों की कितनी सीटों पर सिर्फ एक ही उम्मीदवार ने पर्चा भरा? सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग पर सख्ती दिखाते हुए कहा कि जब राज्य चुनाव आयोग सचिव नीलांजन शांडिल्य के पास ब्यौरा नहीं है तो यहां क्यों आए हैं. क्यों जनता का पैसा बर्बाद किया. सुप्रीम कोर्ट ने  कहा कि कोर्ट की ओर से पारित आदेश से भी लगता है कि सभी चिंतित थे.

ब्योरा  मांगने पर सचिव नीलांजन शांडिल्य ने बताया कि राज्य की 34.2 % पंचायत सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ है. कोर्ट ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में शुद्धता होनी जरूरी है. इसके साथ ही कोर्ट ने सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ सीटों पर किसी दूसरे प्रत्याशी का खड़ा नही होना या बिना चुनाव लड़े जीतना समझ में आता है लेकिन यहां एक बड़ी तादाद में सीटों पर निर्विरोध प्रत्याश जीते हैं. कोर्ट ने कहा कि ग्राम पंचायत और जिला पंचायत और परीषद की 20159 सीटें निर्विरोध रहीं हैं. 

सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि हालात देखते हुए लग रहा है कि लोकतंत्र ग्रासरूट स्तर पर काम नहीं कर रहा है. आगे कोर्ट ने कहा कि ये बेहद हैरान करने वाला है कि हज़ारों की तादाद में सीटों पर निर्विरोध चुनाव जीता जा रहा है. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य के बिरहम, बांकुरा, मुर्शिदाबाद और पूर्व बर्धमान में सबसे ज्यादा सीटों पर प्रत्याशी निर्विरोध जीते हैं. दूसरी ओर राज्य के दलों ने कहा है कि  बंगाल स्थानीय निकायों के चुनाव में बड़े पैमाने पर मनमानी हुई है.नामांकन की तारीख में गड़बड़ की गई, जिससे  34 फीसदी सीटों पर निर्विरोध चुनाव हुआ है. इसी वजह से हजारों मतदाता वोट देने के हक से वंचित रह गए. 

पश्चिम बंगाल: बीजेपी के दो कार्यकर्ताओं के बाद TMC नेता की गोली मारकर हत्या

TMC को वोट न देने की सजा, जूतों की माला पहनाकर महिला को पूरे गांव में घुमाया

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App