Supreme Court on Corona

कोरोना का कहर अब धीरे-धीरे गुज़रता नज़र आ रहा है, ऐसे में अब ढिलाई मिलनी शुरू हो गई है. कई राज्यों में स्कूल तक खोल दिए गए हैं. लेकिन, केरल में कोरोना के मौजूदा आंकड़ें परेशान करने वाले हैं. हर रोज़ केरल के बढ़ते आंकड़ें चिंता में डालने वाले हैं. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट कोरोना के मामलों में सख्ती बरतती नज़र आ रही है. सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court on Corona )ने केरल में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच छह सितंबर से 11वीं कक्षा की परीक्षा शारीरिक रूप से आयोजित करने के राज्‍य सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है.

SC ने कोविड-19 मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में देरी पर जताई नाराज़गी

केरल में कोरोना विस्फोट देखने को मिल रहा है. केरल में हर रोज़ आ रहे कोरोना के मामलों में इज़ाफ़ा हो रहा है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट कोरोना को लेकर सख्ती बरतती नज़र आ रही है. सुप्रीम कोर्ट ने केरल में 6 सितंबर से फिजिकल मोड में होने वाले 11वीं कक्षा की परीक्षाओं पर रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केरल में कोरोना के मामले काफी तेज़ी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में हम फिजिकल मोड में परीक्षा करवा के हम बच्चों की सेहत को जोखिम में नहीं डाल सकते. साथ ही कोरोना के दौरान मरने वालों का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार पर नाराज़गी दिखाई. एमआर शाह और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए दिशानिर्देश तैयार करने में देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि, ‘हमने बहुत समय पहले आदेश पारित किया था, हम पहले ही एक बार डेडलाइन को बढ़ा चुके हैं. ऐसा लग रहा है कि जब तक आप दिशानिर्देश तैयार करेंगे तब तक तो महामारी का तीसरा चरण भी समाप्त हो जाएगा. इस पर केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सर्वोच्‍च अदालत को आश्वस्‍त किया कि इस मसले को लेकर सभी चीजें विचाराधीन हैं.’
केरल में कोरोना के मामले काफी तेज़ी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में अगर केरल में कोरोना की लहर नहीं थमी तो यह पूरे देश में तीसरी लहर ला सकता है.

यह भी पढ़ें : 

Covid Vaccine for kids : बच्चों की वैक्सीन को मिली मंजूरी, जानिए कब तक मिल जाएगा टीका

जापान का पीएम पद छोड़ेंगे योशिहिदे सुगा, कोरोना को रोकने में रहे नाकाम!