नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस्लाम छोड़कर हिंदू जैन लड़की से शादी करने के लिए हिंदू धर्म अपनाने वाले शख्स की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उसने कहा था कि उसने हिंदू जैन लड़की से शादी करने के लिए हिंदू धर्म अपनाया था लेकिन अब लड़की के माता पिता और एक हिंदू दक्षिणपंथी समूह ने उन दोनों को जबरदस्ती अलग कर दिया है. इस मामले में कोर्ट ने उस महिला की इच्छा को सर्वोपरि रखते हुए कहा कि महिला अपने पति के बजाय अपने माता-पिता के साथ रहना चाहती है. पीठ के सामने पेश हुई महिला ने कोर्ट से कहा कि उसकी शादी बहला-फुसला कर धोखे में रखकर की गई थी. जिसके बाद कोर्ट ने छत्तीसगढ़ पुलिस को निर्देश दिया कि उस महिला को उनके समक्ष बातचीत करने के लिए पेश किया जाए.

अदालत ने महिला से उसकी इच्छा जानने के लिए कुछ सवाल किये जिसमें पीठ ने उससे पूछा गया कि उसका क्या नाम है, क्या आपकी शादी वाकई हुई, और अब आप अपने पति के साथ रहना क्यों नहीं चाहती हैं. इन सवालों के बाद महिला ने पीठ को जवाब देते हुए कहा कि वह बालिग है और उसे किसी ने भी मजबूर नहीं किया है और उसने मोहम्मद इब्राहिम सिद्दीकी उर्फ आर्यन आर्य से शादी की थी लेकिन अब वह अपनी इच्छा से ही अपने मां-बाप के साथ रहना चाहती है.

महिला के जवाब पाने के बाद पीठ ने महिला के जवाबों पर गौर किया जिसके बाद उच्च न्यायालय के आदेश में संशोधन किया गया जिसमें कहा गया था कि वह या तो मां-बाप के साथ रहे या फिर हॉस्टल में जिसके बाद कोर्ट ने उस महिला को अपने मां-बाप के घर जाने की अनुमति दे दी थी.

याचिककर्ता मोहम्मद इब्राहिम सिद्दीकी उर्फ आर्यन आर्य ने अपनी याचिका में कोर्ट को बताया था कि महिला उसके साथ रहना चाहती है लेकिन उसके मां-बाप उसे जबरदस्ती ले गए और जबकि वो उस महिला के लिए अपना धर्म परिवर्तन कर चुका है. जिसके बाद कोर्ट ने उस महिला से उसकी इच्छा को जाना जिसमें 27 अगस्त को पेश हुई लड़की के बयान के बाद कोर्ट ने उसने अपने मां बाप के साथ रहने के अनुमति दे दी है.

मामला छत्तीसगढ़ का है जहां इब्राहिम सिद्दीकी और हिंदू महिला अंजलि जैन एक दूसरे को पांच साल से जानते थे और पिछले 3 सालों के दौरान उन दोनों के बीच प्यार का रिश्ता बन गया था जिसके बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया और 23 फरवरी को उसने धर्म परिवर्तन करते हुए हिंदू धर्म अपना लिया जिसके बाद उन्होंने रायपुर के आर्य समाज मंदिर में हिंदू-रीति रिवाजों के साथ शादी की थी.

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