पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि देश में विधानसभा-लोकसभा चुनाव एक साथ कराना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि वैचारिक स्थिति को देखते हुए दोनों चुनावों को एक साथ नहीं कराया जा सकता. सीएम ने पटना के अधिवेशन भवन में अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ा-अतिपिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक स्टूडेंट्स के लिए सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना शुरू की. इस मौके पर उन्होंने One Nation,One Election के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी. 

उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की आदत है दूसरों का भड़काना और गलत चीजें समझाना. हमें इन सब से कोई लेना-देना नहीं है. सिविल प्रोत्साहन सेवा के शुभारंभ पर सीएम ने कहा कि बिहार आज शिक्षा के क्षेत्र में बिछड़ गया है इसलिए एक बार फिर हमें इस पर काम करना होगा. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग सौहार्द बिगाड़ने में लगे हैं. उन्होंने लोगों को सतर्क किया कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न दें.

नीतीश कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने एससी एसटी ओबीसी छात्राओं को बीपीएल दर पर अनाज देने की बात की जिसके बाद फैसला लिया कि छात्रों 1000 अनुदान राशि भी देंगे. इस दौरान नीतीश कुमार ने एक राष्ट्र, एक चुनाव पर भी बात की. उन्होंने कहा कि लोकसभा-विधानसभा चुनाव एक साथ कराना संभव नहीं है. बता दें कि ऐसी खबरें आ रही हैं कि केंद्र सरकार कुछ राज्यों और लोकसभा चुनाव एक साथ कराने का विचार कर रही है. 

यह भी पढ़ें- One Nation One Election पर बोले CEC ओपी रावत- 2019 में लोकसभा और 11 राज्यों के विधानसभा चुनाव के लिए नहीं हैं VVPAT

तेजस्वी यादव का बिहार के CM पर तंज- फुल टॉस बॉल पर नीतीश कुमार का एक विकेट गिर गया

 

 

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App