राज्यसभा चुनाव 2018: तो क्या यूपी में शिवपाल गुट अखिलेश की नहीं बल्कि BJP की मदद करेगा?

23 मार्च को 16 राज्यों की 58 सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव होने वाले हैं. उत्तर प्रदेश (यूपी) में इस बार मुकाबला रोमांचक होने वाला है. दरअसल पार्टी सूत्रों की मानें तो शिवपाल यादव गुट के विधायक राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग कर बीजेपी के पक्ष में मतदान कर सकते हैं. समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने विधायकों को साधने में जुटे हैं. अगर ऐसा होता है तो बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशी भीमराव अंबेडकर के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं.

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  • इनखबर टीम
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  • Updated
  • :
  • March 13, 2018,
  • 7:14 PM
Shivpal Yadav Akhilesh Yadav SP Rajya Sabha Election

शिवपाल यादव बदल सकते हैं राज्यसभा चुनाव का खेल (फोटो क्रेडिटः सोशल मीडिया)

लखनऊः 23 मार्च को 16 राज्यों की 58 सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव होने वाले हैं. उत्तर प्रदेश (यूपी) में सर्वाधिक 10 सीटों के लिए चुनाव होंगे. आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी का यूपी से 8 सीटें जीतना तय है. 1 सीट समाजवादी पार्टी (सपा) के खाते में और 1 सीट सपा, कांग्रेस और रालोद के सहयोग से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के खाते में जा सकती है. 8 सीटों पर पुख्ता दावेदारी के बावजूद बीजेपी ने यूपी में एक चाल चली है. वह चाल है 9वें प्रत्याशी को चुनावी मैदान में उतारने की. दरअसल बीजेपी को उम्मीद है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से नाराज चल रहे उनके चाचा शिवपाल यादव के गुट वाले पार्टी विधायक राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं.

पार्टी सूत्रों की मानें तो सपा अध्यक्ष पद के चुनाव के समय जिस तरह से अखिलेश ने शिवपाल यादव से बुरा व्यवहार किया था, राज्यसभा चुनाव में अखिलेश के खिलाफ जाने की यही एक वजह बनेगी. शिवपाल खेमे के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें भरोसा है कि कम से कम 7 सपा विधायक क्रॉस वोटिंग कर बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने वाले हैं. राष्ट्रपति चुनाव में भी शिवपाल यादव ने पार्टी लाइन से हटकर एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का समर्थन किया था. फिलहाल राज्यसभा भेजे जाने के लिए बीजेपी की ओर से 9 प्रत्याशी घोषित किए जाने से मुकाबला बेहद रोमांचक हो चुका है. बीजेपी को जहां क्रॉस वोटिंग का लाभ मिलने की उम्मीद है वहीं सपा अपने सभी विधायकों को साधने में जुटी है.

गौरतलब है कि सोमवार को राज्यसभा नामांकन का आखिरी दिन था. ऐन मौके पर बीजेपी ने 9वें प्रत्याशी के रूप में गाजियाबाद के अनिल अग्रवाल को चुनावी मैदान में उतारा. राज्यसभा चुनाव के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल करने वाले व्यापारी अनिल अग्रवाल का बीजेपी समर्थन करेगी. सपा की ओर से जया बच्चन को फिर से राज्यसभा भेजने का फैसला किया गया है तो बसपा की ओर से भीमराव अंबेडकर को चुनावी मैदान में उतारा गया है. सपा, कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने बसपा प्रत्याशी के समर्थन का ऐलान किया है. साफ है कि किसी भी प्रत्याशी को चुनाव जीतने के लिए 37 वोट चाहिए होंगे. यूपी विधानसभा में सपा के 47 विधायक हैं. बसपा के पास 19, कांग्रेस के पास 7 और रालोद का 1 विधायक है. सपा के 10 अतिरिक्त वोट, कांग्रेस के 7 और रालोद का एक वोट अगर बसपा के साथ जाता है तो बीएसपी उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर इस बार संसद की दहलीज लांघ लेंगे. मगर सपा के 10 शेष विधायक अगर क्रॉस वोटिंग करते हैं तो फिर बीएसपी के प्रत्याशी की मुश्किलें बढ़ेंगी और इसका सीधा फायदा बीजेपी को मिल सकता है.

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