पटना. सुशासन बाबू के नाम से मशहूर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पोल राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े खोल रहे हैं. आकंड़े जारी होने के बाद  राष्ट्रीय जनता दल के नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. तेजस्वी यादव ने ट्विटर पर लिखा है ‘बिहार के कथावाचक CM को हार्दिक बधाई. उनके अथक पलटीमार प्रयासों से देशभर में बिहार को दंगों में प्रथम स्थान मिला है. मर्डर में द्वितीय, हिंसक अपराधों में द्वितीय और दलितों के विरुद्द अपराध में भी बिहार अग्रणी रूप से द्वितीय स्थान पर है.15 वर्ष से गृहविभाग उन्हीं के जिम्मे है.’

बता दें कि एनसीआरबी के आंकड़ों में देश भर में हुए अपराधों का ब्योरा रखा जाता है. अपनी सालाना रिपोर्ट में एनसीआरबी देश भर के राज्यों में हुई आपराधिक घटनाओं के अध्धयन के बाद रेटिंग निकालता है. बिहार अपराध की लगभग हर तरह की घटनाओं में शीर्ष पांच में बना हुआ है. निश्चित तौर पर यह कानून व्यवस्था के नीतीश कुमार के दावों की पोल खोलता है. अगर हत्या की बात की जाए जिसे सबसे संगीन अपराध माना जाता है तो यहां भी बिहार, उत्तर प्रदेश के बाद दूसरे स्थान पर है. दंगों के मामले में बिहार को देश भर में प्रथम स्थान मिला है. 

दलितों के खिलाफ अत्याचार में भी बिहार को दूसरा स्थान
सामाजिक न्याय की प्रयोगभूमि रहा बिहार अब तक दलितों के खिलाफ होने वाले हिंसक अत्याचारों को रोकने में कामयाब नहीं हो पाया है. नीतीश कुमार ने दलितों में एक और श्रेणी बना दी थी महादलित. लेकिन नीतीश कुमार के राज में बिहार में दलितों के खिलाफ अत्याचार करने के मामलों में देश भर में दूसरा स्थान मिला है. यहां भी उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है. बता दें कि इस लिस्ट में 10426 मामलों के साथ यूपी पहले स्थान पर है. 5701 मामलों के साथ बिहार दूसरे स्थान पर है. तीसरा नंबर मध्य प्रदेश का है जहां दलित उत्पीड़न के 4922 मामले सामने आए.

NCRB के आंकड़ों के बाद नीतीश कुमार पर हमलावर हुए तेजस्वी यादव

बिहार के नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एनसीआरबी के आंकड़ों की तस्वीर लगाई है. तेजस्वी ने लिखा, ‘बिहार के कथावाचक CM को हार्दिक बधाई. उनके अथक पलटीमार प्रयासों से देशभर में बिहार को दंगों में प्रथम स्थान मिला है. मर्डर में द्वितीय, हिंसक अपराधों में द्वितीय और दलितों के विरुद्द अपराध में भी बिहार अग्रणी रूप से द्वितीय स्थान पर है.15 वर्ष से गृहविभाग उन्हीं के जिम्मे है.’

बता दें कि दहेज के खिलाफ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ा अभियान चलाया था. लाखों लोगों की मानव श्रंखला बनवाई गई. शराबबंदी की तरह दहेजबंदी को भी राज्यव्यापी आंदोलन की तर्ज पर शुरू किया गया. नीतीश कुमार ने अपनी छवि समाज सुधार के मसीहा के तौर पर स्थापित करने की कोशिश की. आपको याद होगा इसी दौर में बिहार के उप मुख्यमंत्री बीजेपी नेता सुशील मोदी के बेटे की शादी हुई थी. इस शादी में मेहमानोें से गिफ्ट भी नहीं लिया गया था और बेहद कम खर्च में शादी की गई थी. इससे संदेश देने की कोशिश हुई कि बिहार अब दहेज के कोढ़ से मुक्त होकर रहेगा. NCRB के आंकड़े लेकिन अलग कहानी कहते हैं. दहेज के लिए हुई हत्यायों में बिहार यूपी के बाद दूसरे स्थान पर है. ऐसे में नीतीश कुमार सरकार पर सवाल उठने लाजमी हैं. देखते हैं नीतीश कुमार इसका जवाब देते हैं या चुप्पी साध लेते हैं. 

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