जयपुरः राजस्थान के सरकारी कॉलेजों में यूनिफॉर्म अनिवार्य करने के आदेश देने वाली वसुंधरा राजे सरकार अब अपने फैसले से पलट गई है. छात्रों के भारी विरोध के कारण सरकार की तरफ से मंगलवार 14 मार्च को ये फैसला वापस ले लिया. प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने एक ट्वीट कर इस आदेश को वापस लेने की जानकारी दी. जिसमें उन्होंने सरकार के फैसले को वापस लिए जाे की बात कही और उसका कारण भी बताया.

सीएम वसुंधरा के ने अपने ट्वीट में लिखा कि, कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने छात्र प्रतिनिधियों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए कॉलेज में यूनिफॉर्म अनिवार्य करने के निर्देश जारी किये थे. कल मुझे मालूम हुआ कि कई छात्राएं इस फैसले से सहमत नहीं हैं जिसके चलते अब कॉलेज में यूनिफॉर्म पहनना स्वैच्छिक किया जाता है’. उन्होनें कहा कि ‘हम प्रदेश में छात्राओं का पढ़ाई में प्रदर्शन बेहतर करने के लिए और उनके व्यक्तिगत विकास को प्रगति देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं और करते रहेंगे’.

बता दें कि बीते 4 मार्च को राजस्थान की बीजेपी सरकार ने राज्य के सभी सरकारी कॉलेजों में आगामी शैक्षणिक सत्र 2018-19 से छात्र-छात्राओं के लिए यूनिफॉर्म की अनिवार्यता का फैसला किया था. लेकिन तमाम छात्रों और विपक्षी दलों द्वारा राज्य में सरकार द्वारा भगवाकरण का आरोप लगाया गया था. जिसके बाद इस आदेश को वापस ले लिया गया. कॉलेज शिक्षा निदेशालय की तरफ से जारी एक पत्र में राज्य के सभी सरकारी कॉलजों के प्राध्यापकों से छात्र और छात्राओं के ड्रेस के रंग के बारे में अपने सुझाव 12 मार्च तक बताने के लिए कहा गया था. राज्य में विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने राज्य सरकार पर आरएसएस का एजेंडा बताते हुए इस निर्णय का विरोध किया था.

 

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