नई दिल्ली/ कोरोना काल से लोगों की जेब पर इतना असर पड़ा था और लोगों की जिंदगी पटरी से ही उतर गई थी. हालांकि अब लोगों की जिंदगी वापस पटरी पर लौट तो रही है लेकिन अब चुपके से रेलवे भी लोगों की जेब खाली करवाने में लग गया है. जी हां रेलवे ने चुपचाप ट्रेन का सफर महंगा कर दिया है. रेलवे ने भीड़ पर काबू पाने के लिए रेलवे का सफर बड़ा दिया. खैर अब बढ़े किराए पर सफाई देने के लिए रेलवे जुटा हुआ है. रेलवे ने चुपचाप किराया बढ़ाया और अब कैमरे पर कोई रेलवे कर्मचारी नहीं बोलना चाहता.

रेलवे ने चुपचाप पैसेंजर ट्रेनों के दामों में इजाफा किया है. रेलवे ने एक ढेर महीने में बिना सूचना के रेलवे सफर को महंगा किया है. बता दें कि लोकल और सवारी गाड़ी ट्रेन की टिकटों में 200% तक का इजाफा किया गया है.

बता दें कि पहले लोकल ट्रेन का 45 किलोमीटर तक का किराया 10 रुपए होता था लेकिन अब उसका किराया बढ़ा कर 30 रुपए कर दिया गया है. 45 से 65 किलोमीटर तक का किराया 15 रुपए लगता है जिसे बढ़ा कर अब 35 रुपए कर दिया गया है. कम दूरी के पैसेंजर ट्रेनों का सफर महंगा कर दिया गया है.

रेलवे का कहना है कि उनके पास कम दूरी वाली लोकल पैसेंजर ट्रेनों की संख्या बस 3% ही है जिसमे भीड़भाड़ वाली 96 ट्रेनों का ही किराया बढ़ाया गया है. रेलवे का कहना है कि बढ़े हुए किराए को देखकर ट्रेनों में भिड़ कम लगेगी और कोरोना काल में  रेलवे को बहुत भारी नुकसान हुआ है इससे थोड़ी भरपाई हो सकेगी. रेलवे का कहना यह भी है कि इसका असर ज्यादा लोगों पर नहीं पड़ेगा क्योंकि सिर्फ 96 ट्रेनों का ही सफर महंगा किया गया है.

रेलवे ने बढ़े किराए पर अपना बयान देते हुए कहा कि बढ़े किराए को कम दूरी के लिए देखेंगे तो ये ज्यादा लगेगा क्योंकि 20 किलोमीटर दूरी पर मौजूद दो स्टेशनों के बीच 10 रुपए का टिकट 20 रुपए का मिलेगा. लेकिन अगर दो स्टेशनों की दूरी 150 किलोमीटर है तो उसके किराए में ये बढ़ोतरी सिर्फ 10% ही है.

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