नई दिल्ली. किसान आंदोलन बीते 10 महीनो से चल रहा है, इस मुद्दे पर न सरकार पीछे हटने को तैयार है और न ही किसान. ऐसे में लखीमपुर खीरी हिंसा ने किसान आंदोलन के मसले को एक नया मोड़ दे दिया है. इसी के तहत किसानों ने आज ‘रेल रोको आंदोलन’ ( Rail Roko andolan ) का आयोजन किया है. इस दौरान किसानों ने पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के ट्रेनों को रोका और प्रदर्शन किया. हलनिकी, प्रसाशन का कहना है की किसानों के रेल रोको आंदोलन का कोई असर नहीं पड़ा है, लेकिन असल में कई रूटों पर यात्रा प्रभावित हुई है.

रेल यातायात नहीं हुई बाधित – ADG प्रशांत कुमार

उत्तर प्रदेश के एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि “महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिलों में बाहर से भी अधिकारी भेजे गए हैं जो लगातार किसान संगठनों और अन्य नेताओं से बात कर रहे हैं. कहीं भी रेल यातायात बाधित नहीं है, कुछ जगहों पर जब ट्रेन नहीं जा रही थी तो किसानों ने प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया, एहतियातन लगभग 160 कंपनी पीएससी और 9 कंपनी पैरामिलेट्री लगाई गई हैं.”

किसी भी ट्रैक पर कोई बाधा नहीं – DCP हरेंद्र सिंह

DCP हरेंद्र सिंह ने कहा कि “अभी तक हमें कहीं भी किसी भी ट्रैक पर बाधा होने और ट्रेन कैंसिल होने की जानकारी नहीं है. हम पड़ोसी राज्यों की जीआरपी और आरपीएफ के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, अगर वहां कोई दिक्कत आए तो हम दिल्ली में उसके लिए तैयार हैं.”

प्रदर्शनकारियों ने रोकी मालगाड़ी

मोदीनगर रेलवे स्टेशन पर सोमवार को आंदोलन कर रहे किसानों ने रेल यातायात रोका. सैकड़ों किसान ट्रेनों और मालगाड़ियों की आवाजाही को रोकने के लिए पटरियों पर बैठ गए, इस दौरान रेल यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई.

मंत्री अजय मिश्रा के बर्खास्तगी की मांग

किसान रेल रोको आंदोलन कर मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बर्खास्तगी की मांग कर रहे हैं. किसानों का कहना है की उनका प्रदर्शन जारी रहेगा. लखीमपुर खीरी हिंसा में उत्तर प्रदेश के गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा ने किसानों को बुरी तरह रौंद दिया था, जिसके बाद किसान अब अजय मिश्रा टेनी के बर्खास्तगी की मांग कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें :

Dengue cases rising in Delhi: राजधानी में डेंगू से पहली मौत,723 मामलों की पुष्टि

चर्चा में है क्यों हैं Surrogate Advertisement, बालीवुड अभिनेता छोड़ रहे कुछ विज्ञापन