लखनऊ. रायबरेली के गेगासों गंगाघाट से विचलित करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं. कोरोना महामारी के दौरान सैकड़ों मृतकों के शव गंगा नदी के रेत के ऊपर ही दफन कर दिये गए भारी संख्या में गंगानदी के रेत में दफन किए जा रहे. शवों को लेकर अब ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि रात में कुत्ते शवों को खाते भी है साथ ही शवों की दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल है. अब आप खुद ही देखें इन तस्वीरों को रायबरेली जिले के सरेनी कोतवाली क्षेत्र के गेगासों गंगा घाट की है. रेत के ऊपर दफन किए जा रहे इन शवों को प्रशासन नजरअंदाज कर रहा है. गंगा घाट के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं.

गंगा घाट का नजारा देख कांप जाएगी रूह

प्रतिदिन दर्जनों शव गंगा घाट पर पहुंच रहे हैं और लोग गंगा रेत में ही शवों को दफन कर रहे हैं. तस्वीरें देखकर आप की भी रूह कांप जाएगी. यह देखिए आप खुद ही देखिए किस तरह से लाल पीले और सफेद कपड़ो से ढके रेत के ढेर के नीचे शवों को दफन कर दिया जाता है और रात के अंधेरे में कुत्ते अपना निवाला बनाते हैं. अब तो हालात यह हो गए हैं कि गांव के लोग और गंगा तट पर आने वाले लोग नजारा देख कर परेशान हो रहे है. सैकड़ों की संख्या में अब तक शवों को दफना दिया गया है. लेकिन प्रशासन को कोई खबर नहीं है.

ग्रामीणों और गंगा घाट पर मौजूद लोग रेत में शवो को दफन करने से परेशान है. ग्रामीणों की मानें तो कोरोना महामारी के दौरान से सबसे ज्यादा शवों को दफन किया जा रहा है. जिससे गांव में महामारी का खतरा बढ़ता जा रहा है. वही फतेहपुर बॉर्डर उन्नाव बॉर्डर से वह लखनऊ तक किला से यहां पर विसर्जन के लिए आती है. जब इस मामले में एडीएम प्रशासन राम अभिलाष से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि एक फोटो वायरल हो रही है. समाचारों में चल रहा है यह खबर भ्रामक है ऐसा कुछ नहीं दिख रहा है और हमारे एसडीएम लालगंज जांच कर रहे है.

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