मुंबईः भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के दूसरे सबसे बड़े बैंक माने जाने वाले पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने दावा किया है कि उन्होंने 1.8 बिलियन डॉलर (करीब 10 हजार करोड़ रुपये) का फर्जीवाड़ा पकड़ा है. पंजाब नेशनल बैंक ने मुंबई के एक ब्रांच से जालसाजी के जरिए अनाधिकृत ट्रांजैक्शन को डिटेक्ट किया है, जो कुछ चुने हुए अकाउंट होल्डर को फायदा पहुंचा रहा था. फर्जीवाड़े का खुलासा होते ही बैंक ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) से भी यह जानकारी साझा की. इस जानकारी के बाद पीएनबी के शेयरों में 7 फीसदी से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई. हालांकि कुछ समय बाद बैंक के शेयर धीरे-धीरे रिकवरी की ओर बढ़ने लगे. बैंक ने 10 कर्मचारियों को भी सस्पेंड किया है.

इस मामले की जांच पीएनबी की एक आंतरिक कमेटी कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीएनबी ने इस फर्जीवाड़े में शामिल किसी शख्स का नाम नहीं लिया है, लेकिन कहा है कि बैंक की ओर से इस बारे में जांच एजेंसियों को सूचना दे दी गई है. बैंक की ओर से कहा गया है कि आंतरिक कमेटी इस बात की भी जांच करेगी कि क्या इन ट्रांजैक्शनंस से उसकी कोई देनदारी तो नहीं बनती है. गौरतलब है कि पीएनबी पहले से ही इस तरह के एक और फर्जीवाड़े की जांच कर रहा है.

रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले सप्ताह जांच एजेंसी सीबीआई ने कहा था कि उसने पीएनबी की शिकायत पर अरबपति ज्वैलर नीरव मोदी और अन्य के खिलाफ जांच शुरू की है. पीएनबी ने नीरव मोदी और कुछ अन्य पर 280 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. धोखाधड़ी का यह मामला 2017 का है. यह साफ नहीं हो पाया है कि क्या मौजूदा खुलासा इसी मामले से जुड़ा है या इससे अलग है. पीएनबी अधिकारी जांच के बाद ही स्टेटमेंट देने की बात कह रहे हैं.

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