नई दिल्लीः बीते शनिवार को दिल्ली के लोगों को एक पल के यकीन नहीं हुआ कि उनके बगल से पीएम नरेंद्र मोदी गुजर रहे हैं. दरअसल पीएम मोदी ने शनिवार को ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान की शुरूआत की. मिशन को शुरू करते हुए पीएम मोदी ने पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लोगों से अभियान को सफल बनाने को लेकर बात की. इसके बाद प्रधानमंत्री का काफिला स्वच्छता श्रमदान के लिए दिल्ली के पहाड़गंज स्थित बाबा साहेब अंबेडकर सीनियर सेकेंडरी स्कूल की ओर निकला. सड़क से गुजर रहे लोग उस समय दंग रह गए जब बगैर किसी सिक्योरिटी रूट और विशेष व्यवस्था के पीएम मोदी का काफिला उनके बगल से गुजर रहा था.

काली गाड़ियों का पीएम मोदी का यह काफिला बेहद शांति से दिल्ली की सड़कों पर आम गाड़ियों की तरह गुजरता देखा गया. दिल्ली की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर पीएम के गुजरने से लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो इसके लिए पीएम मोदी का काफिला रेड लाइट पर भी रुका. इस दौरान पीएम मोदी के काफिले को दिल्ली के ट्रैफिक जाम का भी सामना करना पड़ा. एकाएक सड़कों पर काली गाड़ियों के काफिले को देख लोग हैरान भी थे. इस दौरान कुछ लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया और सोशल मीडिया पर इसे वायरल करते हुए पीएम मोदी की सादगी की तारीफों के पुल भी बांधे.

सोशल मीडिया यूजर्स पीएम मोदी के इस अंदाज की सराहना करते नहीं थक रहे हैं. लोगों का कहना है कि देश के प्रधानमंत्री का काफिला आम गाड़ियों की तरह दिल्ली की सड़कों पर दिखा. वहां ना तो किसी रास्ते का ट्रैफिक रोका गया और ना ही पीएम की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाली स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) ने कोई अतिरिक्त सुरक्षा तैयारी की थी. इसके चलते पीएम मोदी के काफिले ने ट्रैफिक नियमों का भी पालन किया और उन्हें दिल्ली के जाम का भी सामना करना पड़ा. सामान्य तौर पर जिस सड़क से पीएम अथवा विशिष्ट लोगों को गुजरना होता है वहां ट्रैफिक रोका जाता है, सड़कें खाली कराई जाती हैं और सुरक्षा को लेकर खास तैयारियां भी की जाती हैं.

बताते चलें कि शनिवार को पीएम ट्रैफिक जाम में फंसने के बावजूद अंबेडकर स्कूल पहुंचे. वहां उन्होंने स्वच्छता का संदेश देने के मकसद से झाड़ू लगाकार साफ-सफाई की. मोदी सरकार के कई मंत्रियों ने भी 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलाए जा रहे ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत देश के अलग-अलग राज्यों में झाड़ू लगाई. पीएम मोदी ने इस अभियान का हिस्सा बनने और ‘स्वच्छ भारत’ अभियान को कामयाब बनाने के लिए करीब दो हजार नागरिकों को खुद पत्र लिख चुके हैं. गौरतलब है कि पीएम मोदी ने सत्ता में आने के बाद देश से वीआईपी कल्चर को खत्म करने की बात कही थी. मोदी सरकार मंत्रियों और वीआईपी गाड़ियों में लगने वाली लाल-पीली बत्तियों को हटाने के संबंध में कानून भी बना चुकी है.

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