Sunday, June 26, 2022

पीएफआई रैली : मार्च में बच्चे ने लगाए हिन्दू विरोधी नारे, भाजपा बोली- केरल अगला कश्मीर

अलपुझा, पिछले दिनों देश में सक्रिय चरमपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के द्वारा आरएसएस के खिलाफ की गई रैली इन दिनों खूब विवादों में है. जहां इस मार्च में एक बच्चे द्वारा हिंदू और ईसाई समुदायों के लोगों के खिलाफ नारेबाजी अब तेजी पकड़ती नज़र आ रही है. बता दें, यह मार्च केरल के अलपुझा में पिछले दिनों निकला गयी थी. जहां से एक बच्चे का वीडियो काफी वायरल हुआ है. इस बच्चे को वीडियो में नारेबाजी लगाते देखा जा सकता है.

क्या है मामला?

यह घटना शनिवार को केरल के अलपुझा जिले में घटी. जहां पीएफआई द्वारा आयोजित एक विशाल रैली में बच्चे ने जो नारे लगाए, उन भड़काऊं नारों ने अब बवाल कर दिया है. सोशल मीडिया पर बच्चे का वीडियो आने के बाद इस मामले पर सबकी नज़र पड़ी. जहां वीडियो में बच्चा, हिन्दू और ईसाई समुदाय के खिलाफ नारेबाजी कर रहा है. यह वीडियो कट्टरपंथी इस्लामी समूह के ‘गणतंत्र बचाओ’ अभियान का है. जहां राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के कुछ कार्यकर्ताओं की रैली का विरोध किया गया था. बता दें, इससे कुछ घंटे पहले ही राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ताओं ने शौर्य रैली निकाली थी. जिसमें कहा गया कि देश को देशद्रोही और आतंकवादियों के हवाले नहीं किया जा सकता.

दर्ज़ हुआ मामला

इस संबंध में अब पुलिस ने नाबालिग लड़के को इस नारेबाजी के दौरान पकड़ने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर मामला दर्ज़ कर लिया है. इस व्यक्ति पर अन्य धार्मिक समूहों के खिलाफ भड़काऊ नारे लगाने के लिए प्रेरित करने के लिए मामला दर्ज़ किया गया है. यह शिकायत अलपुझा के जिला अध्यक्ष नवास वंदनम और जिला सचिव मुजीब के खिलाफ भी दर्ज़ की गई है. इस घटना के बाद, केरल बाल अधिकार आयोग ने भी एक मामला दर्ज किया है. इसपर सात दिनों के भीतर अलपुझा जिला पुलिस प्रमुख से कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने को भी कहा गया है. साथ ही पीएफआई नेता और रैली के आयोजन संयोजक याहिया थंगल ने कहा है कि वह अपना विरोध जारी रखेंगे.

केरल बना कश्मीर – भाजपा प्रवक्ता

वहीं यह वीडियो सामने आने के बाद भाजपा प्रवक्ता टॉम वडक्कन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. जहां उन्होंने केरल की तुलना कश्मीर से करते हुए दुःख जताया है. इसके अलावा उन्होंने राज्य की वाम लोकतांत्रिक मोर्चे की सरकार और कांग्रेस को भी घेरा है. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि उन्हें पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की ओर से, विशेष रूप से पंचायत स्तर पर राजनीतिक समर्थन मिलता है. इस कारण सरकार ने रैली की इज़ाज़त दी.

 

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