श्रीनगरः पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के 19वें स्थापना दिवस के मौके पर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि 2016 में उनके पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद उन्होंने मजबूरन बीजेपी के साथ गठबंधन जारी रखकर जहर का प्याला पीया था. वह बीजेपी के साथ गठबंधन जारी रखने को लेकर संदेह में थीं.

महबूबा मुफ्ती ने बताया कि उन्होंने बीजेपी के साथ गठबंधन इसलिए जारी रखा क्योंकि उनकी पार्टी के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने उनसे कहा था कि अगर वह ऐसा नहीं करती हैं तो यह उनके पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद के फैसले की बेइज्जती करने जैसा होगा. आपको यह जहर पीना होगा और अपने सिर पर यह आग लेकर चलनी होगी. मुफ्ती ने कहा कि उन्होंने पार्टी नेताओं से कहा था कि वह लोग मुख्यमंत्री के लिए पार्टी के किसी भी नेता को चुन लें.

महबूबा मुफ्ती ने आगे कहा, ‘अल्लाह गवाह है कि मेरी राजनीति मेरे पिता के सिद्धांतों से शुरू हुई और उन्हीं पर खत्म होगी. यही वजह है कि जब वह दुनिया से रुखसत हुए तो मैं बीजेपी के साथ सरकार बनाने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थी. मुझे इसके लिए तीन महीने का समय लगा. मैंने ये कभी नहीं सोचा था कि मैं मुख्यमंत्री बनूंगी. मैंने केवल जम्मू-कश्मीर के लोगों को वर्तमान स्थिति से बाहर निकालने के अपने पिता के एजेंडे को मुकाम तक पहुंचाने के बारे में सोचा.’

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गौरतलब है कि इसी साल जून में बीजेपी ने महबूबा मुफ्ती सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था. बीजेपी ने राज्य की विषम परिस्थितियों का हवाला देते हुए ऐसा करने की बात कही थी. बीजेपी के महासचिव राम माधव ने उस समय कहा था कि राज्य में बढ़ते आतंकवाद और कट्टरपंथ के बीच उनका सरकार के साथ बने रहना नामुमकिन होता जा रहा है. मुफ्ती के इस्तीफे के बाद अभी तक राज्य में राज्यपाल शासन लगा हुआ है. हाल में खबरें आई थीं कि सूबे में सरकार बनाने के लिए पीडीपी और कांग्रेस हाथ मिलाने जा रहे हैं.

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में हुए आम चुनाव के बाद पीटीआई अध्यक्ष इमरान खान की जीत पर मुफ्ती ने कहा, मैं पीएम नरेंद्र मोदी से अपील करती हूं कि वो इमरान खान की ओर से बढ़ाया गया दोस्ती का हाथ कबूल करें ताकि राज्य में खून-खराबा रोका जा सके. दरअसल चुनाव के नतीजे आने के अगले दिन इमरान खान ने देश को संबोधित करते हुए भारत का जिक्र करते हुए कहा था कि वह भारत के साथ अपने रिश्ते सुधारने के लिए तैयार हैं. उनकी सरकार चाहेगी कि दोनों ओर के नेता कश्मीर सहित तमाम अहम मसलों को बातचीत के जरिए सुलझाएं.

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