लखनऊ. 2019 लोकसभा चुनाव से पहले घटक दलों को मनाना बीजेपी के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रही है. शनिवार को अखिलेश यादव की सपा और मायावती की बसपा के गठबंधन के ऐलान के बाद बीजेपी के सामने एक और परेशानी खड़ी हो गई है. उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सहयोगी सुहेलदेव बहुजन समाज पार्टी (एसबीएसपी) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने इशारा किया कि वह भी एनडीए से अलग हो सकते हैं.

योगी सरकार में मंत्री राजभर ने कहा, ”हम बीजेपी के साथ हैं, अगर वह हमें साथ रखना चाहेगी तो हम रहेंगे. अगर नहीं तो हमने उन्हें 100 दिन दिए हुए हैं, जिसमें से 12 दिन निकल चुके हैं. 100 दिनों के बाद हम यूपी की सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे.” राजभर इससे पहले भी पद से इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं. वे अकसर बीजेपी पर गरीबों के लिए काम न करने और सत्ता का नशा होने का आरोप लगाते रहे हैं. इससे पहले एक समारोह में उन्होंने कहा था कि वह बीजेपी के गुलाम नहीं हैं और पिछड़े व गरीबों की लड़ाई लड़ते रहेंगे. 

राजभर का बयान ऐसे समय पर आया है, जब मायावती और अखिलेश यादव ने यूपी की 38-38 सीट पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. रायबरेली और अमेठी लोकसभा सीट कांग्रेस के लिए छोड़ी गई हैं. हालांकि दोनों पार्टियों के गठबंधन में कांग्रेस शामिल नहीं है. दिसंबर में बीजेपी ने भी 2019 लोकसभा चुनाव से पहले बिहार में नीतीश कुमार की जेडीयू और राम विलास पासवान की एलजेपी के साथ सीट फॉर्म्युले का ऐलान किया था. इसमें बीजेपी और जेडीयू 17-17 और एलजेपी को 6 सीट दी गई थीं.

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