पटनाः मुजफ्फरपुर बालिका गृह दुष्कर्म कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के साथ बिहार के पूर्व मंत्री दामोदर रावत के बेटे और जेडीयू नेता राजीव रावत को पार्टी ने निष्कासित कर दिया है. जिसके बाद इस मामले में अब राजनीति तेज हो गयी है. जिसके बाद इस मामले में हमला तेज करते हुए बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इशारों में ही दामोदर रावत का इस्तीफा मांगा है. जिसके बाद आरजेडी उनके इस्तीफे और बर्खास्त करने के लिए जेडीयू पर दबाव बनाने में जुट गई है.

तेजस्वी यादव ने जेडीयू द्वारा पूर्व मंत्री दामोदर रावत के बेटे को पार्टी ने निकाले जाने के बाद कहा कि पिता की करतूतों के लिए बेटे को बलि का बकरा मन बनाएं. मंत्री रहते हुए समाज कल्याण विभाग का पैसा ब्रजेश ठाकुर को पिता ने लुटाया था बेटे ने नहीं. जिसके बाद इस इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए दामोदर रावत ने कहा, ‘मैं और मेरा बेटा दोनों निर्दोष हैं और ब्रजेश ठाकुर से हमारा कोई संबंध नहीं है’. उन्होने कहा, समाज कल्याण मंत्री के रूप में काम करते हुए वो कभी मुजफ्फरपुर गए ही नहीं. साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है और वह जांच का सामना करने को तैयार हैं.

बेटे को पार्टी ने निकाले जाने पर दामोदर रावत ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व ने कार्रवाई करने से पहले राजीव रावत को न तो कोई शो कॉज नोटिस दिया गया और न ही फैसले की कोई जानकारी दी गई. इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि वह पार्टी के फैसले पर कुछ नहीं बोलना चाहते लेकिन उन्होंने अपने बेटे को पूरी तरह से निर्दोष बताया है.

सूत्रों के मुताबिक मुजफ्फरपुर बालिका गृह दुष्कर्म कांड में चल रही सीबीआई जांच में जेडीयू के नेता और पूर्व समाज कल्याण मंत्री रहे दामोदर रावत पर भी सीबीआई जांच का शिकंजा कस सकता है. सूत्रों के मुताबिक समाज कल्याण मंत्री रहते दामोदर रावत ने ब्रजेश ठाकुर की कई अनैतिक मदद की थी. जिसके बाद अब उनके बेटे राजीव रावत का ब्रजेश ठाकुर के साथ संबंध सामने आए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जेल में छापेमारी के दौरान ब्रजेश ठाकुर के पास से लगभग 40 फोन नंबर बरामद हुए थे जिसमें एक नंबर दामोदर रावत का भी बताया जा रहा है.

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