नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, सहित मंत्रिमंडल के अन्य नेताओं के लिए रविवार का दिन बेहद शर्मिंदगी भरा रहा जब इन सभी लोगों ने ट्विटर पर सात महीने पहले ही गुरु नानक जयंती की बधाई दे डाली. जब इन सभी को अपनी गलती का एहसास हुआ तो सभी ने अपने ट्वीट डिलीट कर दिए. इस गलती के लिए कैबिनेट में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंहने बाकायदा ट्वीट कर माफी भी मांगी. उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि विकिपीडिया पर गलत जानकारी होने के कारण ऐसी गलती हुई है. जिसमें गुरु नानक जी का जन्मदिन 15 अप्रैल 1469 दिखाया गया है. अपने ट्वीट में उन्होंने विकीपिडिया का स्क्रीन शॉट भी डाला है.

गुरु नानक जयंती की बधाई देने वालों में सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अलावा कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन, सिद्धार्थनाथ सिंह और ब्रजेश पाठक थे. इन सभी लोगों ने रविवार को गुरु नानक जयंती की बधाई दे डाली लेकिन किसी ने भी एक बार जयंती की डेट को चेक करने की जरुरत नहीं समझी. जिसके चलते इन लोगों को शर्मिंदा होना पड़ा. जिसके बाद सभी मंत्रियों ने एक-एक कर अपने ट्वीट डिलीट कर दिए.

यूपी के मंत्रियों को अपनी गलती का अहसास तक हुआ जब सोशल मीडिया पर लोगों ने इनको ट्रोल करना शुरू किया जिसके बाद इन लोगों को अपनी गलती का अहसास हुआ और सभी ने अपने शुभकामनाओं वाले ट्वीट डिलीट कर दिए. जबकि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए वार्षिक कैलेंडर में भी गुरू नानक जयंती 23 नवंबर को ही बताई गई है.

 

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