लखनऊ. आतंकवाद के आरोप में गिरफ्तार हुए मिन्हाज ऑयर मसीरुद्दीन को लेकर कई खुलासे हुए हैं। ऐसा आरोप है कि आतंकवादी बाकायदा क्रैश कोर्स चलाकर युवाओं को भड़काते हैं।

आतंकी संगठन युवाओं से जुड़कर उनसे सोशल चैटिंग करते हैं। फेसबुक मैसेंजर, टेलीग्राम और वॉट्सऐप पर बातचीत करते हैं। उसके बाद उनके पारिवारिक, आर्थिक स्थिति और उनकी कट्टरता को जानने की कोशिश करते हैं।

दो कोर्स को पास करने के बाद युवाओं को पर्सनल कॉन्टैक्ट किया जाता है और उनके पास अन्य काम कर रहे गुर्गों को भेजा जाता है। वफादारी के बारे में पता लगाने के लिए उनको एक टास्क दिया जाता है। इस टास्क के पास हो जाने के बाद हैंडलर इन से डायरेक्ट वीडियो कॉल से बात करते हैं।

स्टाफ को बात करने के बाद और वीडियो कॉल के बाद हैंडलर उनको उनका अपना मकसद बताते हैं और किसी बड़ी घटना को कब कैसे और कहां करना है इसके लिए इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी देते हैं इसके साथ ही अपने दो नए ऑपरेटर भी तैयार करने की बात बताई जाती है।

यूपी सहित अन्य जगह पर आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए इन सभी जिहादियों को क्रैश कोर्स के जरिए आतंकवाद की शिक्षा दी जा रही थी, ऐसा आरोप है कि इसमें लखनऊ से पकड़े गए आतंकवाद के आरोपी मिनहाज और मसीरुद्दीन इसी क्रैश कोर्स को पास आउट करने के बाद आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए तैयार किए गए थे।

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