चारा घोटाला से जुड़े चाईबासा ट्रेजरी मामले में रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने बुधवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू यादव को 5 साल कैद की सजा सुनाई है. उनके अलावा बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा को भी 5 साल की सजा मिली है. विशेष सीबीआई अदालत ने दोनों पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. इस मामले की सुनवाई करते हुए आज सुबह (24 जनवरी) कोर्ट ने लालू यादव और जगन्नाथ मिश्रा को दोषी ठहराया था और 6 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था. इस मामले में 35 करोड़ की अवैध निकासी की गई थी. चाईबासा गबन मामले में कोर्ट ने 56 आरोपियों में से 50 को दोषी ठहराया है. चारा घोटाले के देवघर कोषागार से जुड़े एक मामले में सजा पाने के बाद आरजेडी सुप्रीमो रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं. चाईबासा मामले में बहस दस जनवरी को पूरी हो गई थी और इस मामले में अदालत ने फैसला 24 जनवरी तक के लिए सुरक्षित कर लिया था.

लालू यादव को सजा सुनाए जाने के बाद बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने कहा कि लोग जानते हैं कि कैसे बीजेपी और आरएसएस और सबसे अहम नीतीश कुमार ने लालू यादव के खिलाफ साजिश रची है. हम सभी मामलों में उन्हें दोषी ठहराए जाने के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील करेंगे.

क्या है चाईबासा मामला: चारा घोटाला 950 करोड़ रुपये का है. इसमें चाईबासा ट्रेजरी से 35 करोड़ 62 लाख रुपये अवैध तरीके से निकाले गए थे, जबकि मूल आवंटन 7 लाख 10 हजार रुपये ही था. यह निकासी साल 1992-93 से बीच हुई थी. यह सब नेताओं, पशुपालन अधिकारियों, आईएएस अफसरों की मिलीभगत से किया गया था. चाईबासा मामले में 12 दिसंबर 2001 को 76 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई थी.

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