रांचीः आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले के चौथे मामले में सीबीआई की विशेष कोर्ट ने अलग-अलग धाराओं के तरह सात- सात यानि कुल 14 साल की सजा सुनाते हुए 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. इससे पहले सोमवार को हुई दुमका कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े मामले में लालू को सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया था. दूसरी तरफ इसी केस में दूसरे आरोपी जगन्नाथ मिश्रा को बरी कर दिया गया था. विशेष कोर्ट का फैसला आने के बाद लालू यादव के बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सजा के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है.

चारा घोटाले के तीसरे मामले में चाइबासा कोषागार गबन मामले भी सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू यादव और जगन्नाथ मिश्रा का दोषी करार देते हुए 5-5 साल की सजा सुनाई थी. इसके अलावा विशेष कोर्ट ने लालू यादव पर 10 लाख और जगन्नाथ मिश्रा पर 5 लाख का जुर्माना लगाया था. इससे पहले फरवरी में देवघर ट्रेजरी से अवैध निकासी के मामले पर लालू यादव की तरफ से झारखंड हाई कोर्ट में दायर एक याचिका को खारिज कर दिया गया था. देवघर मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू यादव को साढ़े तीन साल जेल की सजा सुनाने के साथ 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था.

चारा घोटाले से जुड़े चौथे मामले में सीबीआई की विशेष कोर्ट में कल हुई सुनवाई में पांच दोषियों की सजा पर बहस हुई थी. इन दोषियों में राधा मोहन मंडल,राजा राम जोशी, सरवेंदु कुमार दास,रघुनंदन प्रसाद और राजेंद्र कुमार बगेरिया शामिल हैं. इन सभी ने अदालत में अपनी बढ़ती उम्र, बीमारियां और ज्यादा मुकदमे का ट्रायल फेस करने का हवाला देते हुए अपनी सजा कम करने की अपील की थी. अदालत ने 19 मार्च सुनवाई के बाद 19 लोगों को दोषी ठहराया था.

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