Krishna Janmashtami 2021 : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आज पावन पर्व है जिसके चलते पूरे देश में तैयारियां जोरो पर है, हालाँकि इस बार भी इस हर्षोउल्लास के पर्व पर कोरोना का साया मंडरा रहा है. इस बार भी जन्माष्टमी की रौनक कुछ फीकी ही है. जन्माष्टमी का त्योहार इस वर्ष 30 अगस्त को मनाया जा रहा है. ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस बार जन्माष्टमी पर ऐसा अद्भुत संयोग है, जिसमें सच्चे मन से पूजन करने पर भक्त की हर मनोकामना पूरी हो सकती है.ऐसे में मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक भव्य मंदिर है जहाँ राधा-कृष्ण को करोड़ों के जेवरात के सजाया जाता है. यह मंदिर अपने आप में बेहद ख़ास और अद्भुद है.

सुरक्षा के हैं ख़ास इंतज़ाम

मध्य प्रदेश के ग्वालियर का यह मंदिर बेहद ख़ास है. इस मंदिर में राधा रानी और श्री कृष्ण की मूर्तियों को हीरे, पन्ने, पुखराज, सोने इत्यादि के गहनों से लैस होते हैं. यह सिंधिया रियासत का ख़ास और सबसे प्राचीनतम मंदिर है. इस मंदिर में श्री कृष्ण को सोने का मुकुट पहनाया जाता है जिसमें (पंख) पुखराज, माणिक जड़ाऊ व बीच में पन्ना लगा है. मुकुट के पीछे कलंगी में बेशकीमत मोती, नग लगे हैं. दोनों कानों में पन्ना लगे झुमके हैं. सोने के कड़े को पतले सोने के तारों से बांधा जाता है. सोने के तारों में पिरोया हुआ 7 लड़ी का हार, जिसमें 62 मोती, 55 पन्ना और हीरा लगे हैं. सोने की छड़ी जिसमें एक नग लगा है और बांसुरी पन्ना जड़ी हुई होती है. राधा रानी का मुकुट 23 कैरेट सोने का है. इसमें बेशकीमती नग लगा है. दो नग झुमके जीरे लगे हुए हैं. सोने की नथ, 249 सफेद मोतियों से जड़ित पांच लड़ी का हार.
इस मंदिर में जेवरातों को मंदिर से बैंक और बैंक से मंदिर ले जाने में 100 जवानों की कड़ी सुरक्षा रहती है. इस  मंदिर में जवानों और अफसरों की सुरक्षा के अलावा CCTV कैमरे की कड़ी सुरक्षा रहती है. सिर्फ गहनों पर अलग से कैमरे की निगरानी रहती है.

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