नई दिल्ली : केंद्र सरकार और किसानों के बीच चल रहा विवाद अभी तक शांत नहीं हुआ है. जिसके चलते किसानों का प्रदर्शन आज यानी सोमवार को 40वें दिन भी जारी है. कृषि कानूनों के खिलाफ किसान सरकार से लगातार कानूनों की वापसी की मांग कर रहे हैं. इस कड़ी में किसानों और सरकार के बीच 4 जनवरी दिन सोमवार को दोपहर 2 बजे से दिल्ली के विज्ञान भवन में सातवें दौर की बातचीत जारी है. इस बैठक के लिए सभी किसान विज्ञान भवन पहुंच गए हैं. जहां उनकी बातचीत सरकार के तीन केंद्रीय मंत्रियों से होगी. ऐसे में अब देखना यह होगा की सरकार किसानों को सातवें दौर की बातचीत में क्या आश्वाशन देती है. हालांकि अभी तक सरकार की तरफ से कृषि कानूनों को वापस लेने की कोई भी आशंका नहीं जताई जा रही है.

बता दें कि विज्ञान भवन जाने से पहले किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, ‘आज सरकार ने हमारी मांगे नहीं मानी तो आंदोलन खत्म नहीं होगा. जब तक सरकार एमएसपी (MSP) पर गारंटी और तीनों कानूनों को वापिस नहीं ले लेती, तब तक हम यहीं रहेंगे. चाहे सरकार कोई भी समिति गठित कर ले.’ वहीं भारतीय किसान सभा के नेता हन्नान मोल्लाह ने कहा, ‘मानवीय दृष्टिकोण से सरकार को विचार करना चाहिए और किसानों की समस्या को सुलझाना चाहिए. सोनिया गांधी अपना ओपिनियन दे सकती हैं, लेकिन यह आंदोलन किसान के है और किसान ही जीतेगा.’

एक तरफ सरकार लगातार किसानों से वार्ता करने की कोशिश कर रही है, वहीं किसान भी अपनी मांग को लेकर पूरी तरह डटे हुए हैं. लेकिन, ऐसे में सरकार किसानों और केंद्र के बीच 7वें दौर की बातचीत से बीच का रास्ता निकालने का नया फॉर्मूला पेश कर सकती है. जिसमें सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर लिखित भरोसा देने के विकल्प पर विचार कर रही है. इसके अलावा किसानों को और भी राहत देने की बात की जा रही है.

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