नई दिल्ली/ देश की राजधानी दिल्ली के समेत देशभर में कोरोना अपना कहर बरपा रहा है। हर जगह त्राहिमाम मचा हुआ है। रोजाना नए नए  रिकॉर्ड कोरोना केस सामने आ रहे है। वहीं अस्पतालों में बेड की कमी तो बढ़ ही रही थी, अब ऑक्सीजन की कमी मरीजों की जान पर आफत बन गई है। ऑक्सीजन की कमी को लेकर तो हर जगह हाहाकार मचा हुआ है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अत्यधिक कोरोना संक्रमित वाले राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अन्य स्‍टेकहोल्‍डर के साथ बैठक की है। इस मीटिंग में भी ऑक्सीजन की कमी का मुद्दा उठा। बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को पीएम मोदी से माफ़ी मांगनी पड़ी। 

दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को पीएम मोदी से मांगनी पड़ी माफ़ी

कोरोना संकट को लेकर आज नरेंद्र मोदी देश के सर्वाधिक प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर रहे थे। जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बोलना शुरू किया तो उनका भाषण लाइव स्ट्रीम होने लगा। इस पर नरेंद्र मोदी ने कड़ी आपत्ति जताई। नरेंद्र मोदी ने कहा, “ये हमारी जो परंपरा है, हमारे जो प्रोटोकॉल हैं, उसके बहुत ख़िलाफ़ हो रहा है कि कोई मुख्यमंत्री ऐसी इन-हाउस मीटिंग को लाइव टेलिकास्ट करे। ये उचित नहीं है। इसका हमें हमेशा पालन करना चाहिए।” पीएम मोदी की इस टिप्पणी पर मुख्यमंत्री केजरीवाल असहज हो गए और उन्होंने कहा, “ठीक है सर, इसका ध्यान रखेंगे आगे से। अगर मेरी ओर से कोई गुस्ताख़ी हुई है। मैंने कुछ कठोर बोल दिया है, मेरे आचरण में कोई ग़लती है तो उसके लिए मैं माफ़ी चाहता हूँ।”

बैठक के दौरान राजधानी दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री से पूछा कि अगर दिल्‍ली में लिए आ रहे ऑक्‍सीजन टैंकर को कोई रोक ले तो मुझे केंद्र सरकार में किससे बात करनी चाहिए? बता दें कि हाल ही में दिल्‍ली आ रहे ऑक्‍सीजन टैंकर को हरियाणा और उत्‍तर प्रदेश में रोके जाने की बात सामने आई है। ऑक्सीजन टैंकर के अलावा दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री ने तीन मांगें और भी रखीं है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संग बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बढ़ाए वाले कोटे में से भी साढ़े तीन सौ टन ऑक्सीजन दिल्ली पहुंच पाई है। प्रधानमंत्री जी जब से यह ऑक्सिजन का संकट शुरू हुआ है, मेरे फोन बजते रहते हैं। कभी कोई अस्पताल कहता है कि तीन घंटे की ऑक्सिजन बची है। कभी कोई अस्पताल कहता है कि दो घंटे की ऑक्सिजन बची है। हम कारण जानने की कोशिश करते हैं, तो पता चलता है कि पीछे किसी राज्य ने दिल्ली के लिए ऑक्सिजन लाने वाले ट्रक को रोक रखा है। हमने मदद के लिए केंद्र सरकार के कुछ मंत्रियों को फोन किए। शुरू में उन्होंने खूब सहयोग किया सर, लेकिन अब वे भी बेचारे थक गए हैं।

सर देश के संसाधनों पर 130 करोड़ लोगों का अधिकार है ना, अगर दिल्ली में ऑक्सिजन की फैक्टरी नहीं है तो क्या दिल्ली के दो करोड़ लोगों को ऑक्सिजन नहीं मिलेगी? पिछले कुछ दिनों में दिल्‍ली के कई बड़े बड़े अस्‍पतालों ने ऑक्‍सीजन की कमी को लेकर सरकार को अलर्ट किया है। कई हॉस्पिटल्‍स में तो ऑक्‍सीजन की कमी से मरीजों की हालात बेहद नाजुक हो गए। कोरोना के बढ़ते मरीजों के बीच ऑक्‍सीजन की मांग भी लगातार बढ़ रही है।

अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी से पूछा कि मैं यह जानना चाहता हूं कि अगर आज या कल या किसी भी समय हमारे किसी भी अस्पताल में एक या आधे घंटे की ऑक्सिजन बच जाए, और लोगों के मरने की नौबत आ जाए तो मैं केंद्र सरकार में किससे बात करूं। सर मैं यह जानना चाहता हूं कि अगर कोई राज्य दिल्ली के कोटे की ऑक्सिजन का ट्रक रोक ले तो मैं फोन उठाकर किससे बात करूं। हालत काफी गंभीर हो गए हैं सर। हम अपने लोगों को मरने के लिए तो नहीं छोड़ सकते हैं।

हमें लोगों को यह विश्वास दिलाना पड़ेगा कि हमारे लिए एक-एक जिंदगी कीमती है। किसी को भी ऐसी मरने नहीं दे सकते है। मैं दिल्ली के लोगों की तरफ से हाथ जोड़कर अपील करते हैं कि तुरंत कोई कठोर कदम नहीं उठाया गया तो दिल्ली के अंदर कोई बहुत बड़ी त्रासदी हो सकती है। मैं आपसे मार्गदर्शन चाहता हूं सर।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा की ऑक्सिजन की कमी के कारण अस्पतालों में जो हालात हैं, वह देखे नहीं जाते हैं। पूरी पूरी रात हम सो नहीं पाते, नींद नहीं आती। इनका मुख्यमंत्री होकर भी मैं कुछ नहीं कर पा रहा हूं। डर लगता है कि ऑक्सीजन की कमी से कोई बड़ा हादसा न हो जाए। ईश्वर न करे अगर ऑक्सिजन न मिलने से कोई अनहोनी हो गई तो हम कभी अपने आपको माफ नहीं कर पाएंगे।

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