नई दिल्लीः जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में हुए छात्रसंघ चुनाव 2018 के नतीजे घोषित हो चुके हैं. जिसके अनुसार सभी सीटों पर यूनाईटेड लेफ्ट ने जीत हासिल की है. इस बार हुए चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी (एबीवीपी) दूसरे नंबर पर रही. बता दें कि जेएनयू में शुक्रवार को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव और संयुक्त सचिव के पदों पर चुनाव हुआ था. 

आर्ट्स एंड एस्थेटिक में बापसा के उम्मीदवार संजय कुमार को जीत हासिल हुई. उन्हें कुल 105 वोटों में से 74 वोट मिले.वहीं कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट में एबीवीपी का उम्मीदवार राम नारायण ने जीत का परचम लहराया. उन्हें 71 में से 34 वोट मिले.

सेंट्रल पैनल के शुरुआती रुझान रविवार दोपहर से आने शुरू हो जाएंगे, लेकिन अंतिम नतीजों का एेलान रविवार रात तक किया जाएगा. शुक्रवार को दिन में वोटिंग और रात 10 बजे से मतगणना शुरू होने के बाद जेएनयू छात्र संघ चुनाव की मतगणना शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात एबीवीपी के हंगामे के बाद से बंद थी.

चुनाव समिति इस बात पर अड़ गई थी कि समिति की लड़कियों से हाथापाई और तोड़फोड़ करने वाले पहले माफी मांगें तभी वोटों की गिनती होगी. चुनाव समिति और शिकायत निवारण निबटारा समिति के बीच आठ दौर की बैठक चली, जिसमें अध्यक्ष पद के सभी उम्मीदवार मौजूद थे. इसमें फैसला लिया गया कि वोटों की गिनती शुरू की जाए.

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव की मतगणना शुक्रवार को दिन में मतदान के बाद शुक्रवार की ही रात 10 बजे से शुरू हो गई थी. काउंटिंग के दौरान साइंस स्कूल से लेफ्ट की जीत की खबर आई तो एबीवीपी वाले भड़क गए जो तब तक काउंटिंग हॉल में नहीं पहुंचे थे. साइंस स्कूल एबीवीपी का गढ़ा माना जाता है इसलिए यहां लेफ्ट की जीत से उनका गुस्सा होना स्वाभाविक था लेकिन पेच फंस गया एबीवीपी के इस आरोप पर कि उसके प्रतिनिधि के पहुंचे बिना ही गिनती शुरू कर दी गई.

चुनाव समिति ने कहा था कि मतगणना निर्धारित समय रात 10 बजे शुरू हुई और उससे पहले लाउडस्पीकर से एनाउंस किया गया कि सारे संगठनों और उम्मीदवारों के प्रतिनिधि आ जाएं. चुनाव समिति ने कहा कि एबीवीपी के प्रतिनिधि समय पर नहीं पहुंचे तो मतगणना उनके बिना शुरू हो गई क्योंकि उसे रोका नहीं जा सकता. 

चुनाव समिति कह रही थी कि हंगामा करने वाले और लड़कियों से बदतमीजी और हाथापाई करने वाले पहले माफी मांगे तो मतगणना होगी. वहीं एबीवीपी वालों का कहना था कि चुनाव समिति के लोगों ने लेफ्ट वालों के साथ मिलकर उन्हें कमरे में बंद करके पीटा. एबीवीपी की मांग है कि जिन स्कूल के नतीजे घोषित हुए थे उनकी फिर से काउंटिंग हो. कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि 

जेएनयू छात्रसंघ के सेंट्रल पैनल के चार प्रमुख पद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव और संयुक्त सचिव के लिए शु्क्रवार को करीब 70 परसेंट वोट पड़े हैं. चुनाव में हर बार की तरह आइसा, एआईएसएफ, एसएफआई और डीएसएफ के गठजोड़ वाली लेफ्ट यूनिटी, एबीवीपी और बाप्सा के कैंडिडेट्स में मुख्य मुकाबला माना जा रहा है. अध्यक्ष पद पर छात्र राजद के जयंत जिज्ञासु ने मुकाबला को मजेदार बना दिया है जिन्होंने अपने शानदार भाषण से प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान छात्रों पर मजबूत छाप छोड़ी. 

JNU Election Result 2018 Highlights:

Highlights

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव का परिणाम घोषित करते चुनाव अधिकारी

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उपाध्यक्ष पद पर लेफ्ट पार्टी की उम्मीदवार सारिका चौधरी जीतीं, दूसरे नंबर पर ABVP उम्मीदवार गीताश्री

उपाध्यक्ष पद पर लेफ्ट यूनिटी की सारिका चौधरी ने जीत दर्ज की. उन्हें 2692 वोट मिले जबकि दूसरे नंबर पर एबीवीपी की उम्मीदवार गीताश्री बोरुआ रही जिन्हें 1012 वोट मिले.

जीत के बाद ढोलक ढपली के साथ निकला लेफ्ट का विजय जुलूस.

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लाल दुर्ग को बचाने में कामयाब रही लेफ्ट, दूसरे नंबर पर पहुंची ABVP

2161 वोटों के साथ आइसा के लेफ्ट यूनिटी उम्मीदवार एन साईं बालाजी ने जेएनयू छात्रसंघ चुनाव जीत लिया है. दूसरे नंबर पर एबीवीपी के ललित पांडे रहे जिन्हें 982 वोट मिले. वहीं पहली बार चुनाव लड़ रहे छात्र राजद के नेता जयंत कुमार जिज्ञासु को 540 वोट मिले. left win in JNU

JNU में छात्रसंघ चुनावों में चारों सीटों पर लेफ्ट ने बाजी मारी

अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव और संयुक्त सचिव पदों के लिए जेएनयू में हुए छात्रसंघ चुनाव में लेफ्ट ने चारी सीटों पर बाजी मार ली है.

जेएनयू में लेफ्ट समर्थित छात्रों ने शुरु किया जश्न,लेफ्ट पैनल के उम्मीदवारों को कंधे पर उठाया

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JNU में लाल दुर्ग फिर हुआ मजबूत,चारों सीटों पर लेफ्ट पार्टी के उम्मीदवार आगे

सेंट्रल पैनल में लेफ्ट यूनिटी की तरफ से आइसा के एन साईं बालाजी 1948 वोटों के साथ सबसे आगे चल रहे हैं. उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिवच पद पर लेफ्ट की ही सारिका चौधरी, एजाज अहमद और अमुथा जयदीप आगे चल रहे हैं.

जेएनयू में लेफ्ट क्लीन स्वीप की ओर

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ये रहा सेक्रेटरी और ज्वाइंट सेक्रेटरी पद का रुझान

जनरल सेक्रेटरी
एजाज़ अहमद राथेर(लेफ्ट)-2115, गणेश गुर्जर(एबीवीपी)- 1079,मो. मोफिजुल आलम(nsui)-306,विश्वभर नाथ प्रजापति(बापसा)-686

ज्वाइंट सेक्रेटरी
अमुथा जयदीप(लेफ्ट)- 1775, कनकलता यादव(बापसा)-568, नुरेंग रीना(nsui)-693, वेंकट चौबे(एबीवीपी)-1071, नोटा-247

अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद की लड़ाई में लेफ्ट आगे

अध्यक्ष
जयंत कुमार 'जिज्ञासु'(छात्र राजद)-459, ललित पाण्डेय(एबीवीपी)-833, एन. साईं बालाजी(लेफ्ट)-1861,
थल्लापल्ली प्रवीण(बापसा)-585, विकास यादव(nsui)-354

उपाध्यक्ष

गीता बरुआ(एबीवीपी)- 872, लिजी के बाबू(nsui)- 417, पूर्णचंद्रा नाईक(बापसा)-554, सारिका चौधरी(left)- 2209

ये रहा सेक्रेटरी और ज्वाइंट सेक्रेटरी पद के लिए रुझान

जेनरल सेक्रेटरी
एजाज़ अहमद राथेर(लेफ्ट)-1666,गणेश गुर्जर(एबीवीपी)- 789, मो. मोफिजुल आलम(nsui)-230
विश्वभर नाथ प्रजापति(बापसा)-566,नोटा- 272

ज्वाइंट सेक्रेटरी
अमुथा जयदीप(लेफ्ट)- 1409, कनकलता यादव(बापसा)-472, नुरेंग रीना(nsui)-548,वेंकट चौबे(एबीवीपी)-848, नोटा-247

कुछ यूं रहा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का रुझान

अध्यक्ष

जयंत कुमार 'जिज्ञासु'(छात्र राजद)-389, ललित पाण्डेय(एबीवीपी)-663, एन. साईं बालाजी(लेफ्ट)-1467, थल्लापल्ली प्रवीण(बापसा)-483, विकास यादव(nsui)-281,नोटा- 100

उपाध्यक्ष
गीता बरुआ(एबीवीपी)- 693,लिजी के बाबू(nsui)- 366,पूर्णचंद्रा नाईक(बापसा)-455, सारिका चौधरी(left)- 1807, नोटा- 198

जेनरल सेक्रेटरी और ज्वाइंट सेक्रेटरी का रुझान

जेनरल सेक्रेटरी
एजाज़ अहमद राथेर(लेफ्ट)-1539
गणेश गुर्जर(एबीवीपी)- 834
मो. मोफिजुल आलम(nsui)-209
विश्वभर नाथ प्रजापति(बापसा)-512

ज्वाइंट सेक्रेटरी
अमुथा जयदीप(लेफ्ट)- 1312
कनकलता यादव(बापसा)-430
नुरेंग रीना(nsui)-477
वेंकट चौबे(एबीवीपी)-781

अध्यक्ष, उपाध्यक्ष पद के रुझान

लेफ्ट के बालाजी को पड़े 1350 वोट वहीं एबीवीपी के ललित पांडेय को 605 वोट, थल्लापल्ली प्रवीण को 436 वोट, एनएसयूआई के विकास यादव को पड़े 251 राजद के जयंत कुमार जिज्ञासु को 350 वोट पड़े. वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी की गीता बरुआ को 623, एनएसयूआई के लिजी के बाबू को अब तक 342, लेफ्ट की सारिक चौधरी को 1571 और बापसा की पूर्णचंद्रा नाईक को अभी तक 414 वोट मिले.

ज्वाइंट सेक्रेटरी पद पर कुछ यूं रहा रुझान

अमुथा जयदीप(लेफ्ट)- 1152, कनकलता यादव(बापसा)-388, नुरेंग रीना(nsui)-410, वेंकट चौबे(एबीवीपी)-720

जनरल सेक्रेटरी पद पर लेफ्ट आगे

जनरल सेक्रेटरी पद के लिए एजाज अहमद राथेर (लेफ्ट) के लिए 1351 वोट पड़े हैं, एबीवीपी के गणेश गुर्जर को 778, एनएसयूआई के मो.मोफिजुल आलम को 175 और बापसा के विश्वभर नाथ प्रजापति को 466 वोट पड़े हैं.

JNUSU 2018: अध्यक्ष, उपाध्यक्ष पद का रुझान

अध्यक्ष-
बालाजी (लेफ्ट)- 1193, ललित (एबीवीपी)- 561 प्रवीण(बापसा)- 391 जयंत(राजद)- 318

उपाध्यक्ष-
गीता बरुआ (एबीवीपी)- 570, सारिका चौधरी (लेफ्ट)- 1371, पूर्णचंद्रा नाईक (बापसा)- 371, लिजी के बाबू (एनएसयूआई)- 310

ज्वाइंट सेक्रेटरी पद पर भी एबीवीपी उम्मीदवार आगे

सेंट्रल पैनल में ज्वाइंट सेक्रेटरी पद के लिए खुली 400 वोटो में अमुथा जयदीप(लेफ्ट) को 143, कनकलता यादव(बापसा) को 43, नुरेंग रीना( एनएसयूआई) को शून्य, वेंकट चौबे(एबीवीपी) को 174 वोट पड़े हैं.

जनरल सेक्रेटरी पद पर एबीवीपी उम्मीदवार आगे

सेंट्रल पैनल में जनरल सेक्रेटरी पद के लिए 400 वोट गिने गए हैं जिसमें एजाज़ अहमद राथेर(लेफ्ट) को 173, गणेश गुर्जर(एबीवीपी) को 177, मो. मोफिजुल आलम (एनएसयूआई) को शून्य, विश्वभर नाथ प्रजापति(बापसा) को 42 वोट पड़े हैं.

सेंट्रल पैनल में वाइस प्रेसिडेंट पद के लिए ये लेफ्ट उम्मीदवार आगे

सेंट्रल पैनल में वाइस प्रेसिडेंट पद के लिए 400 वोट गिने गए हैं जिसमें गीता बरुआ (एबीवीपी) को 142, लिजी के बाबू (एनएसयूआई) को , पूर्णचंद्रा नाईक(बापसा) को 28, सारिका चौधरी (लेफ्ट) को1 83 वोट पड़े हैं.

सेंट्रल पैनल (प्रेसिडेंट) पद के लिए ये लेफ्ट उम्मीदवार आगे

सेंट्रल पैनल (प्रेसिडेंट) पद के लिए 500 वोट गिने गए हैं जिसमें जाह्नु कुमार हीर को शून्य, जयंत कुमार 'जिज्ञासु'(राजद) को 71, ललित पाण्डेय (एबीवीपी) को142, एन. साईं बालाजी(लेफ्ट) को 156, निधि मिश्रा(सवर्ण छात्र मोर्चा) को शून्य, निधि मिश्रा(सवर्ण छात्र मोर्चा) को भी शून्य, साईब बिलावल(इंडिपेंडेंट) को भी शून्य, थल्लापल्ली प्रवीण(बापसा) को 42 और विकास यादव एनएसयूआई को वोट मिला है.

ज्वाइंट सेक्रेटरी पद पर भी लेफ्ट उम्मीदवार आगे

सेंट्रल पैनल में ज्वाइंट सेक्रेटरी पद के लिए खुली 250 वोटो में अमुथा जयदीप(लेफ्ट) को 80, कनकलता यादव(बापसा) को 23, नुरेंग रीना( एनएसयूआई) को शून्य, वेंकट चौबे(एबीवीपी) को 77 वोट पड़े हैं.

जनरल सेक्रेटरी पद पर लेफ्ट उम्मीदवार आगे

सेंट्रल पैनल में जनरल सेक्रेटरी पद के लिए 250 वोट गिने गए हैं जिसमें एजाज़ अहमद राथेर(लेफ्ट) को 89, गणेश गुर्जर(एबीवीपी) को 79, मो. मोफिजुल आलम (एनएसयूआई) को शून्य, विश्वभर नाथ प्रजापति(बापसा) को 26 वोट पड़े हैं.

सेंट्रल पैनल में वाइस प्रेसिडेंट पद की रेस में लेफ्ट उम्मीदवार आगे

सेंट्रल पैनल में वाइस प्रेसिडेंट पद के लिए 250 वोट गिने गए हैं जिसमें गीता बरुआ (एबीवीपी) को 61, लिजी के बाबू (एनएसयूआई) को , पूर्णचंद्रा नाईक(बापसा) को 19, सारिका चौधरी (लेफ्ट) को 82 वोट पड़े हैं.

सेंट्रल पैनल (प्रेसिडेंट) के रूझानो में लेफ्ट उम्मीदवार आगे

सेंट्रल पैनल (प्रेसिडेंट) पद के लिए 250 वोट गिने गए हैं जिसमें जाह्नु कुमार हीर को शून्य, जयंत कुमार 'जिज्ञासु'(राजद) को 40, ललित पाण्डेय (एबीवीपी) को 67, एन. साईं बालाजी(लेफ्ट) को 71, निधि मिश्रा(सवर्ण छात्र मोर्चा) को शून्य, निधि मिश्रा(सवर्ण छात्र मोर्चा) को भी शून्य, साईब बिलावल(इंडिपेंडेंट) को भी शून्य, थल्लापल्ली प्रवीण(बापसा) को 26 और विकास यादव एनएसयूआई को 1 वोट मिला है. जबकि 1 वोट नोटा पर पड़ा है.

SSS काउंसलर पद पर ये उम्मीदवार आगे

SSS काउंसलर पद के लिए कुल 1325 वोट में से 450 वोटों की गिनती हो चुकी है जिसमें दीप्ती(लेफ्ट) को 241 वोट, कृति(लेफ्ट) को 257 वोट, साकेत(लेफ्ट) को 263 वोट, हर्षा (लेफ्ट) को 220 और उमेश (लेफ्ट) को 242 वोट मिले हैं.

SLकाउंसलर पद पर लेफ्ट के आसिफ आगे

SLकाउंसलर पद के लिए कुल 1765 वोट में से 400 वोटों की गिनती हो चुकी है जिसमें आसिफ (लेफ्ट) को 242 वोट, नितिन (लेफ्ट) को 204 वोट, शिवानी (लेफ्ट) को 196(लेफ्ट) वोट, स्वाती (लेफ्ट) को 240 और उमेर(लेफ्ट) को 229 वोट मिले हैं.

SIS काउंसलर पद पर आयशा घोष आगे

SIS काउंसलर पद के लिए कुल 879 वोट में से 400 वोटों की गिनती हो चुकी है जिसमें कराबी को 178 वोट काराबी, आयशा घोष को 210 वोट, 135 वोट श्याम कुमार, 117 वोट धीरू, 145 वोट श्रीजनी, 122 वोट विष्णु (एनएसयूआई), 115 वोट सचिन (लेफ्ट) को मिले हैं.

ज्वाइंट सेक्रेटरी पद पर भी ABVP उम्मीदवार आगे

सेंट्रल पैनल में ज्वाइंट सेक्रेटरी पद के लिए अमुथा जयदीप(लेफ्ट) को 12, कनकलता यादव(बापसा) को 11, नुरेंग रीना( एनएसयूआई) को शून्य, वेंकट चौबे(एबीवीपी) को 24 और 3 वोट नोटा पर पड़े हैं.

जनरल सेक्रेटरी पद पर ABVP उम्मीदवार आगे

सेंट्रल पैनल में जनरल सेक्रेटरी पद के लिए 50 वोट गिने गए हैं जिसमें एजाज़ अहमद राथेर(लेफ्ट) को 11, गणेश गुर्जर(एबीवीपी) को 25, मो. मोफिजुल आलम (एनएसयूआई) को शून्य, विश्वभर नाथ प्रजापति(बापसा) को और 2 वोट नोटा पर पड़े हैं.

सेंट्रल पैनल में वाइस प्रेसिडेंट पद की रेस में ABVP उम्मीदवार आगे

सेंट्रल पैनल में वाइस प्रेसिडेंट पद के लिए 50 वोट गिने गए हैं जिसमें गीता बरुआ (एबीवीपी) को 24, लिजी के बाबू (एनएसयूआई) को 2, पूर्णचंद्रा नाईक(बापसा) को 12, सारिका चौधरी (लेफ्ट) को 10 और 2 वोट नोटा पर पड़े हैं.

सेंट्रल पैनल (प्रेसिडेंट) के रूझानो में एबीवीपी आगे

सेंट्रल पैनल (प्रेसिडेंट) पद के लिए 50 वोट गिने गए हैं जिसमें जाह्नु कुमार हीर को शून्य, जयंत कुमार 'जिज्ञासु'(राजद) को 4, ललित पाण्डेय (एबीवीपी) को 24, एन. साईं बालाजी(लेफ्ट) को 9, निधि मिश्रा(सवर्ण छात्र मोर्चा) को शून्य, निधि मिश्रा(सवर्ण छात्र मोर्चा) को भी शून्य, साईब बिलावल(इंडिपेंडेंट) को भी शून्य, थल्लापल्ली प्रवीण(बापसा) को 11 और विकास यादव एनएसयूआई को 1 वोट मिला है. जबकि 1 वोट नोटा पर पड़ा है.

SLकाउंसलर पद पर लेफ्ट के आसिफ आगे

SLकाउंसलर पद के लिए कुल 1765 वोट में से 150 वोटों की गिनती हो चुकी है जिसमें आसिफ को 86 वोट, नितिन को 67 वोट, शिवानी को 68 वोट, स्वाती को 102 और उमेर को 76 वोट मिले हैं.

SSS काउंसलर पद पर ये उम्मीदवार आगे

SSS काउंसलर पद के लिए कुल 1325 वोट में से 200 वोटों की गिनती हो चुकी है जिसमें दीप्ती को 109 वोट, कृति को 115 वोट, साकेत को 121 वोट, हर्षा को 102 और उमेश को 111 वोट मिले हैं.

SIS काउंसलर पद पर आयशा घोष आगे

सेंट्रल पैनल के अलावा हर एक अलग स्कूल के सेंटर में संख्या आनुपातिक तौर पर पर अलग-अलग होती है. जैसे किसी स्कूल में एक आदमी को 5 वोट देने की सुविधा है तो दूसरे स्कूल एक वोटर स2 वोट दे सकता है. ऐसे में पड़ी हुई वोट और उम्मीदवारों को मिली वोटों के कुल योग में कन्फयूज न हों.

SIS काउंसलर पद के लिए कुल 879 वोट में से 200 वोटों की गिनती हो चुकी है जिसमें कराबी को 97 वोट काराबी, 106 वोट आइशा घोष, 66 वोट श्याम कुमार, 64 वोट धीरू और 70 वोट श्रीजनी को मिले हैं.

काउंसलर पोस्ट में इन्हें मिली जीत

काउंसलर पोस्ट के लिए फिजिकल साइंस में लेफ्ट यूनिटी समर्थित उम्मीदवार प्रदीप्ता देवनाथ ने जीत हासिल की. उन्हें कुल 144 वोटों में से 53 वोट मिले.आर्ट्स एंड एस्थेटिक में बापसा के उम्मीदवार संजय कुमार को कुल 105 वोटों में से 74 वोट मिले.जबकि कंप्यूटर साइंस में एबीवीपी का उम्मीदवार राम नारायण ने जीत का परचम लहराया. उन्हें 71 में से 34 वोट मिले.

जेएनयू छात्रसंघ चुनावों में काउंसर के नतीजे घोषित

जेएनयू छात्रसंघ चुनावों में काउंसलर के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं. एबीवीपी, लेफ्ट और BAPSA को एक-एक सीट मिली है. चुनावों के शुरुआती रुझान कल दोपहर से आने शुरू हो जाएंगे और अंतिम नतीजों का एेलान कल रात तक किया जाएगा.

शुरू हो गई फिर से जेएनयू छात्र संघ चुनाव के वोटों की गिनती, नतीजे रविवार की रात तक आएंगे

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव के वोटों की शनिवार तड़के से रुकी मतगणना शाम 6 बजे के बाद फिर से बहाल हो गई है. चुनाव समिति, शिकायत निवारण समिति और सारे अध्यक्ष कैंडिडेट के बीच कई राउंड की मीटिंग के बाद वोटों की गिनती बहाल करने का फैसला हुआ है. सारे कैंडिडेट के प्रतिनिथि को 20 मिनट के अंदर काउंटिंग हॉल में पहुंचने कहा गया था.

सुबह से ही तनातनी के बीच कैंपस में पैरा मिलिट्री फोर्स की तैनाती पर चुनाव समिति ने आपत्ति जताई जिसके बाद कैंपस से पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को बाहर कर दिया गया है. खबर है कि वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है. देर रात तक शुरुआती रुझान मिल सकते हैं लेकिन तस्वीर साफ होते-होते रविवार की सुबह या दोपहर हो जाएगी. अंतिम नतीजे रविवार की देर रात तक आ सकते हैं.

रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों की जेएनयू कैंपस में एंट्री, वोटों की गिनती शुरू करने पर सभी तैयार

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में सुबह से रुकी बड़ी वोटों की गिनती फिर से चालू करने के सवाल पर सुबह से आधा दर्जन बार चुनाव समिति, शिकायत निपटारा समिति और सारे अध्यक्ष कैंडिडेट की मीटिंग हो चुकी है और आखिरी मीटिंग में सहमति बनी है कि मतगणना फिर से चालू कर हो.

इस बीच जेएनयू कैंपस में तनाव के माहौल को देखते हुए प्रशासन ने रैपिड एक्शन फोर्स को बुलाया था जिस पर एतराज जताते हुए चुनाव समिति ने तब तक वोटों की गिनती चालू करने से मना कर दिया जब तक कैंपस में पुलिस या पारा मिलिट्री फोर्स रहेगी. इसके बाद फोर्स को कैंपस से बाहर भेज दिया गया है.

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में वोटों की गिनती फिर चालू कराने पर ईसी और जीआरसी की बैठक जारी

जेएनयू छात्रसंघ चुुनाव की रुकी पड़ी काउंटिंग को फिर से चालू कराने और मतगणना पर गतिरोध खत्म करके नतीजे की तरफ बढ़ने की कोशिश के तहत चुनाव समिति यानी ईसी और शिकायत निबटारा समिति यानी जीआरसी की मीटिंग चल रही है. कयास लगाए जा रहे हैं कि इस मीटिंग से वोटों की गिनती फिर से शुरू हो पाएगी. ये भी तय होगा कि एबीवीपी की मांग के मुताबिक जिन स्कूलों के नतीजे घोषित हुए थे, उनकी गिनती फिर से होगी या नहीं.

एबीवीपी ने साइंस स्कूल के वोटों की फिर से गिनती कराने की मांग की है क्योंकि उसके प्रतिनिधि के बिना मतगणना हुई और लेफ्ट वहां से जीत गया जो उनका गढ़ माना जाता है. चुनाव समिति का कहना है कि एबीवीपी वाले समय पर नहीं आए और बाद में आकर बवाल किया, समिति के पदाधिकारियों से हाथापाई की और तोड़फोड़ मचाया.

एबीवीपी बोली- चुनाव समिति लेफ्ट के साथ मिली है, नाइंसाफी हुई तो हम हाईकोर्ट जाएंगे

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की जेएनयू यूनिट ने काउंटिंग विवाद पर अपना पक्ष रखते हुए बयान जारी किया है. एबीवीपी का कहना है कि चुनाव समिति ने जेएनयू के चुनाव नियमों की अनदेखी की और गितनी शुरू करने से पहले उसके प्रतिनिधि को न्यूनतम बार फोन नहीं किया जो नियमोंं में लिखा है. एबीवीपी ने कहा है कि ये सब लेफ्ट की मदद के लिए किया गया जबकि दूसरे लोगों को फोन किया गया.

नीचे पढ़िए अंग्रेजी में एबीवीपी का पूरा प्रेस रिलीज

Press release
15/09/18

ABVP expresses deep concerns over the way the counting is being conducted for JNUSU election. The Election Committee formed for JNUSU election 2018-19 is involved in rigging election in favour of Left organizations.

ABVP firmly believes that transparency of the electoral process has been compromised. The Rule 5(b) of Part 3 of Appendix 1 of JNUSU Constitution has been violated by the EC. EC is guilty of breaking the seal of ballot box and starting the counting of Central Panel votes without the presence of counting agents of the candidates or candidate affiliated to ABVP. The rule requires that the candidate or their counting agent must see every paper ballot. This action by EC is illegal. When the objection was registered by ABVP, workers of Left organizations started manhandling ABVP counting agents. Most of the Left organization workers are not even the students of JNU. They stormed into the counting complex and started with violence and abusive sloganeering. Even the EC members joined them in manhandling the proposed counting agents of ABVP.

The election process for JNUSU requires the designation of counting agent for each candidate for each School on the posts of Central Panel. Even yesterday, a specific call was made to one of the candidates in School of Arts and Aesthetics to send his polling agent. However, in case of counting for Central Panel for Science School, the minimum number of calls were not made to ABVP’s Lalit Pandey, Geetasri Boruah, Ganesh Gurjar and Venkat Choubey. Further no specific call was made to any of them. This compromises sanctity of electoral process as per the JNUSU Constitution. This is a basic norm of a democratic process and its denial leads to breach of the credibility of the electoral process.

President of ABVP-JNU Unit Vijay Kumar said “Counting of votes is being done without adhering to the rules. EC is not following even the bear minimum requirements of election procedure. The biased way of handling elections has put a question mark on EC’s neutrality. We have approached the Grievance Redressal Cell to seek justice. We will not hesitate to proceed to Delhi High Court if we don't get justice."

National General Secretary of ABVP Ashish Chauhan said, “Students of JNU have laid faith in ABVP. They have voted for ABVP to bring about a positive change. The biased handling of elections by the EC won’t stop us. We will keep fighting till justice is served.“

Vijay Kumar,
President, ABVP-JNU

Durgesh Kumar,
Secretary, ABVP-JNU

एबीवीपी और चुनाव समिति की तकरार में रुकी हुई है जेएनयू छात्रसंघ चुनाव की मतगणना

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में बिना एबीवीपी के प्रतिनिधि के मतों की गितनी में साइंस स्कूल में लेफ्ट की जीत से भड़के एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के हंगामे के बाद से जेएनयूएसयू छात्र संघ चुनाव की काउंगिटिंग रुकी ही हुई है. शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात तय समय पर मतगणना कक्ष में एबीवीपी के प्रतिनिधि नहीं पहुंचे और चुनाव समिति ने वोटों की गिनती शुरू कर दी जिसके बाद लेफ्ट की जीत की खबर पर एबीवीपी के हंगामे और तोड़फोड़ की खबर है. चुनाव समिति ने आरोप लगाया है कि उसके सदस्यों को पीटा गया है और तब तक वोटों की गितनी नहीं होगी जब तक समय पर नहीं आकर बाद में बवाल करने वाली एबीवीपी के लोग माफी नहीं मांगते.

एबीवीपी के नेता सोशल मीडिया पर लगातार लिख रहे हैं कि चुनाव समिति ने लेफ्ट के लोगों को जिताने के लिए एबीवीपी के खिलाफ साजिश की और उसके प्रतिनिधि को काउंटिंग हॉल के बाहर लटकाए रखा और इस बीच नतीजे घोषित करने लगी. एबीवीपी ने लेफ्ट और चुनाव समिति में सांठगांठ का आरोप लगाया और दोबारा मतगणना कराने की मांग की है. जबकि लेफ्ट वालों का कहना है कि ये सब एबीवीपी की पहले से तय नौटंकी का हिस्सा है. लेफ्ट का कहना है कि एबीवीपी को पहले से पता था कि उसके गढ़ साइंस स्कूल में भी वो इस बार हार रही है इसलिए उसके प्रतिनिधि समय पर नहीं आए और जब नतीजा आया तो इसी बहाने हंगामा करने लगे कि बिना उनके कैसे गिनती हुई.

छात्र राजद की अध्यक्ष पद पर दावेदारी

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल की छात्र ईकाई छात्र राजद ने पहली बार जेएनयू चुनाव में शिरकत की है जिसमें उन्होंने अध्यक्ष पर पर दावा ठोकते हुए जयंत जिज्ञासु को उम्मीदवार बनाया है. जबकि एबीवीपी और एनएसयूआई ने अपना पूरा पैनल इन चुनावों में उतारा है.

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव 2018 में वाम संयुक्त मोर्चा के उम्मीदवार

वाम संगठन की तरफ से अध्यक्ष पद पर एन साईं बालाजी को उतारा गया है तो उपाध्यक्ष पर के लिए सारिका को चुना गया है. सचिव पद पर एजाज और संयुक्त सचिव पद पर अमूथा को उम्मीदवार बनाया गया है.

अध्यक्ष पद- एन साईं बालाजी
उपाध्यक्ष पद- सारिका
सचिव पद- एजाज
संयुक्त सचिव पद- अमूथा

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव 2018 में एबीवीपी (ABVP) के उम्मीदवार

एबीवीपी की तरफ से इस छात्रसंघ चुनाव में ललित पांडे को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया गया है तो उपाध्यक्ष पद पर गीताश्री बरुआ को उतारा गया है. सचिव पर पर गणेश गुर्जर और संयुक्त सचिव पर पर वेंकट चौबे को मैदान में उतारा गया है.

अध्यक्ष पद- ललित पांडे
उपाध्यक्ष पद- गीताश्री बरुआ
सचिव पद- गणेश गुर्जर
संयुक्त सचिव पद- वेंकट चौबे

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव परिणामों के लिए जारी वोटों की गिनती रुकी

चुनाव समिति ने शुक्रवार देर रात मतगणना को रोक दिया है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि एक छात्र संगठन के उम्मीदवारों ने समिति की महिला सदस्यों के साथ गलत व्यवहार करते हुए मारपीट की है.

जेएनयू छात्र संघ चुनाव में इस बार हुई रिकॉर्ड वोटिंग

शुक्रवार सुबह 10 बजे से शुरु हुआ मतदान शाम 5.30 बजे तक चला जिसमें इस बार बंपर वोट डाले गए. इस बार छात्र संघ चुनाव में जेएनयू के कुल 8700 छात्र छात्राओं में से 7650 ले अपने मताधिकार का प्रयोग किया जिसके चलते इस बार रिकॉर्ड 70 प्रतिशत मतदान हुआ है.

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