नई दिल्ली. बुधवार से जवाहर लाल नेहरू यूनीवर्सिटी संस्कृतमय होने जा रही है और इसको ऐसा करने जा रहा है राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) का संगठन संस्कृत भारती, जो संस्कृत भाषा और साहित्य को बढ़ाने के लिए देश विदेश में काम करता है. संस्कृत भारती ने जेएनयू में दो दिन का संस्कृत महोत्सव शुरू किया है, जिसमें तमाम संस्कृत विद्वानों समेत 500 कॉलेज स्टूडेंट्स भी हिस्सा लेंगे. इस महोत्सव की थीम होगी, ‘’ how modern inventions in science, robotics and war strategies already exist in Sanskrit scriptures’’.

जेएनयू में ये समारोह वेद का श्रचाओं और श्लोकों के साथ बुधवार को शुरू होगा. सबसे पहले संस्कृत विज्ञान प्रदर्शनी का उदाघाटन होगा. जिसके जरिए दिखाया जाएगा कि कैसे प्राचीन भारत में देश में विज्ञान, तकनीकी और मेडिसिन के फील्ड में इतना काम हुआ है कि पश्चिम के मोहपाश में जकड़े लोगों के लिए भी हैरत की बात हो. पूरे समारोह को 29 कैटगरीज में बांटा गया है, एस्ट्रोनॉमी, पॉलटिक्स, मेडिसिन, एयरोनॉटिक्स, इंजीनियरिंग, वारफेयर जैसे तमाम विषयों में प्राचीन भारत में जो काम हुआ था, उसकी चर्चा की जाएगी.

अब चूंकि इस सारे काम को प्राचीन भारत की भाषा यानी संस्कृत के जरिए ही जाना जा सकता है. उस वक्त के ज्यादातर ग्रंथ संस्कृत, पाली या ब्राह्मी में ही लिखे गए थे, इसलिए उसको पढ़ना जरूरी है. यही संदेश इस समारोह के जरिए दिया जाएगा, वैसे भी कम्यूटर के लिए संस्कृत सबसे बेहतर भाषा तो प्रमाणित हो ही चुकी है. इस मौके पर तमाम विद्धान छात्रों से रूबरू होंगे, तमाम प्राचीन पांडुलिपियां वो देख सकेंगे, तमाम विद्वानों और उनके अलग अलग फील्ड्स के बारे में किए गए कार्यों के बारे में जान सकेंगे, साथ ही संस्कृत भाषा की लोकप्रियता के लिए देश विदेश में क्या काम किया जा रहा है, उसको भी ये स्टूडेंट्स जान सकेंगे.

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