अहमदाबाद, गुजरात के महेसाणा कोर्ट ने अब जिग्नेश मेवानी और रेशमा पटेल को बड़ा झटका दिया है. जहां कांग्रेस पार्टी से गुजरात विधानसभा के सदस्य जिग्नेश मेवानी और एनसीपी नेता रेशमा पटेल को अब कोर्ट ने बिना इज़ाज़त रैली निकलने के लिए 3 महीने की जेल के सजा सुनाई है.

पांच साल पुराना है मामला

जिस मामले में जिग्नेश मेवानी और रेशमा पटेल को महेसाणा कोर्ट द्वारा सजा सुनाई गयी है ये मामला आज से करीब पांच साल पुराना है. साल 2017 में इन दोनों नेताओं समेत कुछ लोगों ने आज़ादी कूच रैली की थी. इस रैली पर ये आरोप लगाया गया था कि ये बिना किसी इज़ाज़त के निकाली जा रही है. अब इसी मामले में सुनवाई कर रहे महेसाणा कोर्ट ने दोनों आरोपियों को मामले का दोषी पाया है.

विधायक जिग्नेश मेवानी, एनसीपी की नेता रेशमा पटेल, सुबोध परमार पर रैली कर सरकारी आदेशों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था. रेशमा पटेल के बारे में बता दें, वह राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं. जिस रैली को लेकर में अब कोर्ट ने दोनों आरोपियों को सजा सुनाई है बता दें, वह रैली ऊना में दलितों की पिटाई के मामले को लेकर 12 जुलाई 2017 को ‘आजादू कूच’ के नाम से निकाली गयी थी. मेहसाणा के पास बनासकांठा में इस आंदोलन का आयोजन किया गया था.

जमानत पर बाहर हैं जिग्नेश मेवानी

फिलहाल जिग्नेश मेवानी एक और केस में जमानत पर बाहर हैं. पिछले दिनों उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक ट्वीट के मामले में असम पुलिस द्वारा गुजरात से गिरफ्तार किया गया था. जहां उन्हें कोकराझार कोर्ट ने जमानत दे दी थी. जमानत मिलने के बाद उन्हें तुरंत किसी दूसरे थाने में महिला से बदतमीज़ी के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था. बता दें, उनकी जमानत को लेकर असम सरकार ने गुवाहाटी हाईकोर्ट में अपील दायर की है. इसपर जल्द ही 27 मई को सुनवाई भी होनी है.

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