Kashmir Krishna Janmashtami 2021 : जन्माष्टमी का त्योहार इस वर्ष 30 अगस्त को मनाया जा रहा है. ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस बार जन्माष्टमी पर ऐसा अद्भुत संयोग है, जिसमें सच्चे मन से पूजन करने पर भक्त की हर मनोकामना पूरी हो सकती है. आज पूरे देश में जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. कश्मीर (Kashmir) में इस बार 32 सालों बाद कश्मीरी पंडितों ने जन्माष्टमी मनाई.

जन्माष्टमी के पर्व पर निकाली प्रभात फेरी

जन्माष्टमी के पाचन पर्व पर आज कश्मीर के श्रीनगर में कश्मीरी पंडितों ने 32 सालों बाद जन्माष्टमी मनाई. इससे पहले सन 1989 में श्रीनगर में जन्माष्टमी मनाई गई. कश्मीरी पंडितों का 32 सालों बाद जन्माष्टमी मनाने पर कहना है कि, “कश्मीर भाईचारे के लिए जाना जाता है, हम चाहते है पूरे देश में इसी तरह भाईचारा बना रहे. हमने कोरोना के खात्मे के लिए भगवान कृष्ण से प्रार्थना की है, हम चाहते हैं कि यह वैश्विक महामारी जल्द से जल्द खत्म हो जाए और पूरे देश में फिर से शान्ति बहाली हो जाए.’ श्रीनगर के हंदवाड़ा में इससे पहले 1989 में जन्माष्टमी का कार्यक्रम का आयोजित किया गया था, प्रभात फेरी की शुरुआत गणपत्यार मंदिर से हुई, जो जैंदार मोहल्ला, जहांगीर चौक, मौलाना आजाद रोड होते हुए रेजीडेंसी रोड तक पहुंची. प्रभात फेरी में लोग नाचते-झूमते दिखाई दिए.

कश्मीरी पंडितों ने प्रभात फेरी में भाग लेने के लिए और प्रभात फेरी में मदद के लिए स्थानीय लोगों का धन्यवाद किया. प्रभात फेरी के दौरान कोरोना प्रोटॉलस को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतज़ामात किए गए थे.

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