नई दिल्ली. 5 अगस्त 2019 यानी आज ही के दिन केंद्र की मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 का विशेष दर्जा हटा दिया था। जिसके बाद से जम्मू-कश्मीर में साल 2019 के बाद में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत 1948 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं 34 आरोपियों को दोषी ठहराया गया।

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी. जम्मू कश्मीर से 5 अगस्त साल 2019 को आर्टिकल 370 हटाया गया था। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) अपराध संबंधी आंकड़ों को संकलित करता है और उसने अपने वार्षिक प्रकाशन ‘क्राइम इन इंडिया’ में ये आंकड़े प्रकाशित किए हैं।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, जम्मू कश्मीर में साल 2019 से अबतक 1200 से ज्यादा मामलों में 2300 से ज्यादा लोगों और सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत 954 लोगों पर मामला दर्ज किया है। इनमें से यूएपीए के तहत बुक किए गए 46 फीसदी और पीएसए के तहत हिरासत में लिए गए लोगों में से लगभग 30 फीसदी अभी भी जम्मू-कश्मीर के अंदर और बाहर जेल में हैं।

इंडियन एक्सप्रेस पर छपे आधिकारिक पुलिस आंकड़ों के मुताबिक, साल 2019 में पीएसए के तहत 699 और 2020 में 160 लोगों को हिरासत में लिया गया था। जबकि 2021 में जुलाई के आखिर तक पीएसए के तहत 95 लोगों को हिरासत में लिया गया था. इनमें से 284 अभी भी हिरासत में हैं।

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