गुरुग्रामः विधानसभा चुनाव में जीत के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों जोड़-तोड़ कराना शुरू कर दिया है. इसी बीच चंडीगढ़ में बुधवार को इनेलो (इंडियन नेशनल लोकदल) और बसपा (बहुजन समाज पार्टी) के गठबंधन का ऐलान कर दिया गया. इनेलो ने दोनों पार्टियों के साथ आने की घोषणा की. बता दें कि इनेलों में पहले से ही चुनावों में गठबंधन चाहती थी, जिससे उनके वोट प्रतिशत में इजाफा हो.

पिछले 14 सालों से सत्ता में आने की राह देख रहे इनेलो के नेताओं ने दलित मतदाताओं के आधार वाली बहुजन समाज पार्टी से तालमेल बढ़ाने की खबरें आ रही थीं. सूत्रों के अनुसार इनेलो नेता पिछले काफी समय से हरियाणा के बसपा नेताओं के संपर्क में हैं. इस बीच 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला भी दलितों को समर्थन देते दिखे थे.

जातीय समीकरणों के आधार राजनीतिक गणित को देखा जाए तो इनेलो अपने खाते हरियाणा के अंदर 30 प्रतिशत वहीं बीएसपी के खाते में 20 प्रतिशत वोट मानकर चल रही है. इस हिसाब से इनेलो का मानना है कि अगर 40 प्रतिशत भी मत उन्हें मिलते हैं तो उन्हें सत्ता मिल जाएगी. बता दें कि बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव एवं पार्टी के हरियाणा प्रभारी नरिंदर कश्यप ने पिछले दिनों रोहतक में कहा था कि दोनों दलों के प्रमुखों यानी मायावती और ओमप्रकाश चौटाला के बीच इस बारे में बातचीत हो चुकी है और दोनों नेता सीटों के बंटवारे के बारे में समझौते पर पहुंच चुके हैं हालांकि अभय सिंह चौटाला ने इसे औपचारिक मुलाकात बताया था.

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