रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप हैरान हो जाएंगे. दरअसल, कुछ भारतीय वैज्ञानिकों ने रुद्रप्रयाग के कई हिस्सों से सोना मिश्रित तांबा खनिज पदार्थ की बड़े पैमाने पर खोज की है. वैज्ञानिकों के अनुसार इस सोने की कीमत करीब पचास हजार करोड़ रूपए हो सकती है. बता दें कि राज्य के इन हिस्सों को लेसर हिमालय के रूप से भी जाने जाते हैं. ये हिस्से उत्तर की ओर से मेन सेंट्रल थ्रस्ट और दक्षिण की तरफ से नार्थ अल्मोड़ा थ्रस्ट के बीच पड़ते हैं.

जीएसआई वैज्ञानिकों ने वैज्ञानिको ने लामेरी कोटेश्वर इलाके से सोने और आधार धातु के करीब 350 नमूने जमा किए जिनका विश्लेषण यूपी की राजधानी लखनऊ में किया गया है. मिली जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान वैज्ञानिको को इन नमुनों के अंदर चाल्कोपाइराइट, पाइराइट, सफालेराइट और गैलेना होने के संकेत मिले हैं. बता दें कि जिन हिस्सों से यह खजाना खोजा गया है वे सभी इलाके रुद्रप्रयाग के पास स्थित मंदाकिनी नदी के किनारे पर मौजूद है. वैज्ञानिको का मानना है कि इस सोने की कीमत 50 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है.

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में मिले इस खजाने ने लोगों को हैरान कर दिया है. हालांकि, इसे खोजने वाले वैज्ञानिकों ने अभी तक कोई बड़ी प्रतिक्रिया नहीं दी है. यूं तो देश में सोने का उत्पादन कई शहरों में किया जाता है, लेकिन उत्तराखंड में पहली बार ऐसा कुछ देखने को मिला है. वहीं जीएसआई के मुताबिक, वर्तमान में कर्नाटक के हुति, ऊटी और हीराबुदनी की खदानों में सोने का उत्पादन किया जाता है. इसके साथ ही झारखंड के मोसाबनी, राजस्थान के खेतरी और कुंदरेकोचा नामक जगह में धातु सल्फाइड से सोने का उत्पादन होता है.

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