नई दिल्ली. गुड़गांव के सेक्टर 61 में हेमकुंट फाउंडेशन द्वारा स्थापित एक कोविड राहत शिविर में गुरुवार सुबह स्थानीय गुंडों ने तोड़फोड़ की. शिविर के स्वयंसेवकों ने आरोप लगाया कि 10-20 लोगों ने लाठी-डंडों के साथ फर्नीचर, बिस्तर और तंबू को क्षतिग्रस्त कर दिया. उस समय केंद्र में कोई मरीज भर्ती नहीं था. घटना सुबह करीब आठ बजे की है, जब शिविर में करीब 8-10 स्वयंसेवक मौजूद थे. लोगों को देखकर वे सुरक्षा गार्ड के पास पहुंचे जो उन्हें बाहर ले गए.

हेमकुंट के सामुदायिक विकास निदेशक हरतीरथ सिंह ने घटना के बाद क्षतिग्रस्त टेंट और कोविड सेंटर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं. उन्होंने “मुझे कई दिनों से जान से मारने की धमकी मिल रही है और मैंने पुलिस से शिकायत की है. आज सुबह गुंडों ने शिविर प्रवेश किया और सब कुछ नष्ट करना शुरू कर दिया, शुक्र है कि हमारे स्वयंसेवक सुरक्षित स्थान पर पहुंचे और अपनी जान बचाई.”

सिंह ने कहा कि फाउंडेशन ने मामले में शिकायत दर्ज कराई है.पुलिस ने कहा कि वे स्थानीय प्रशासन के साथ 10-20 मिनट में केंद्र पहुंचे.

“हम हेमकुंट फाउंडेशन में आपसे अनुरोध कर रहे हैं,” सिंह ने आगे कहा, “हमें तत्काल गुड़गांव के सिटी सेंटर के पास 20,000 वर्ग फुट भूमि तक पहुंच की आवश्यकता है, ताकि हम लोगों की सेवा जारी रख सकें। और हम जानते हैं कि हमने यह सब किया है एक साथ, लेकिन अब हमें फिर से आपके समर्थन की जरूरत है.”

गुड़गांव पुलिस के पीआरओ सुभाष बोकेन ने कहा, ‘हम मामले की जांच करेंगे. संगठन एक टेंट हाउस कंपनी के संपर्क में था और एक मौखिक समझौते के माध्यम से जमीन पर कब्जा कर रहा था. चूंकि केंद्र में कोई मरीज नहीं था, इसलिए कंपनी ने स्वयंसेवकों से जगह खाली करने को कहा. इसको लेकर विवाद हो गया था. हमें स्वयंसेवकों से शिकायत मिली है और हम कार्रवाई करेंगे.

गुड़गांव पुलिस ने बाद में कहा कि आपराधिक धमकी, नुकसान पहुंचाने और स्वेच्छा से चोट पहुंचाने की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.

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