नई दिल्ली. योगगुरु रामदेव के एलोपैथी पर दिए गए बयान से बवाल के बीच अब हरियाणा सरकार ने पतंजलि की 1 लाख कोरोनिल दवा बंटवाने का फैसला किया है। ये दवाएं कोरोना संक्रमित लोगों में बांटी जाएंगी। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी। हालांकि जब खुद अनिल विज कोरोना संक्रमित हुए थे तब वो गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती हुए थे।

अनिल विज के इस बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया है। राज्य सरकार के इस फैसले का इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने कड़ा एतराज जताया है। आईएमए ने कोरोनिल को जानलेवा बताया है और इस पर बेवजह पैसा बरबाद करने का आरोप लगाकर इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

विज के इस फैसले पर आईएमए के स्टेट प्रेसिडेंट डॉ .करन पूनिया ने पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि कोरोनिल कहीं से भी अप्रूव्ड दवा नहीं है। ऐसे में इसकी एक लाख किट खरीद पर आधा पैसा खर्च करना भी बर्बादी है। डॉक्टर पूनिया ने कहा कि आईएमए ने आरटीआई लगाई थी जिसमें बाबा रामदेव की ओर से कोरोनिल को डब्ल्यूएचओ से मान्यता का दावा भी फर्जी निकला है। उन्होंने कहा कि कोरोनिल की खरीद पर पैसे की बर्बादी के साथ कोरोना मरीज़ों की जान से भी खिलवाड़ होगा।

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