नई दिल्ली/ एक तरफ देश में कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा हैं तो वहीं, दूसरी तरफ उत्तराखंड की हर की पोड़ी यानी हरिद्वार में शाही स्नान के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई, जिनमें से कई श्रद्धालु बिना मास्क के दिखाई दिए. श्रद्धालुओं की यह भीड़ विश्व के सबसे विशाल धार्मिक मेले कुंभ में 12 अप्रैल को शाही स्नान के लिए इकट्ठा हुई. श्रद्धालुओं की भीड़ द्वारा यहां पर कोरोना के सारे नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है. 

बता दें कि कई श्रद्धालु तो दावे से कह रहे है कि कोरोना अब बड़ी चिंता का विषय नहीं है क्योंकि राज्य सरकार ने हरिद्वार आने वालों के लिए कोरोना निगेटिव RT-PCR रिपोर्ट अनिवार्य कर दिया हैं. सोमवार को शाही स्नान के दौरान श्रद्धालुओं के साथ-साथ 13 अखाड़ों का प्रतिनिधित्व करने वाले साधु-संत भी गंगा में डुबकी लगाएंगे.

इस साल पहली बार कुंभ मेले की अवधि घटाई गई हैं. इस साल कुंभ मेला 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक ही चलेगा. हालांकि कुंभ मेले में प्रवेश को लेकर काफी सावधानियां बरती जा रही हैं. उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हरिद्वार कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोविड-19 की रिपोर्ट, जिसमें उनके संक्रमित ना होने की पुष्टि हो या टीकाकरण रिपोर्ट लाना अनिवार्य कर दिया गया था.

उत्तराखंड के मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने इसको लेकर बोला कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि हरिद्वार कुंभ में आने के लिए 72 घंटे पहले की कोविड-19 की आरटी—पीसीआर की नकारात्मक जांच रिपोर्ट या टीकाकरण रिपोर्ट लाना जरूरी हैं.

बता दें कि बीते पिछले 24 घंटो में 386 नए कोरोना नए केस सामने आए, इसी के साथ शहर में कोरोना के एक्टिव केस 2056 हैं. कोरोना को ध्यान में रखते हुए 13 साधु अखाड़ों के लिए अलग-अलग रूट बनाये गये हैं, इस दौरान किसी भी श्रद्धालुओं को स्नान घाटों तक पहुंचने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

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