नई दिल्ली. महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) ने सोमवार को घोषणा की कि वह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के साथ गठबंधन में आगामी गोवा विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

एमजीपी अध्यक्ष दीपक धवलीकर ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी पार्टी की केंद्रीय समिति ने अगले साल की शुरुआत में होने वाले राज्य चुनावों के लिए टीएमसी के साथ गठबंधन करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद का चेहरा (गठबंधन का) कौन होगा, इस पर बाद में काम किया जाएगा।

2017 के चुनाव में तीन सीटें जीती थीं

एमजीपी, जिसने 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा के लिए 2017 के चुनाव में तीन सीटें जीती थीं, वर्तमान में उसके दो विधायकों के सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल होने के बाद केवल एक विधायक बचा है। टीएमसी ने पहले ही गोवा विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है और विश्वास व्यक्त किया है कि वह चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेगी।

धवलीकर ने कहा कि दोनों दलों ने राज्य के लोगों को सुशासन प्रदान करने के लिए हाथ मिलाया है। उन्होंने दावा किया, “भाजपा के खिलाफ लहर है। लोग बदलाव चाहते हैं और हम राज्य में सरकार बनाने में सक्षम होंगे।”

धवलीकर ने कहा कि यह धारणा बनाई जा रही है कि एमजीपी के पास भाजपा के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा, “हम हमेशा भाजपा की आलोचना करते रहे हैं। हम आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और टीएमसी जैसे अन्य सभी दलों के साथ बातचीत कर रहे थे।”

एमजीपी प्रमुख ने दावा किया कि राज्य के 60 प्रतिशत लोगों ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि किसे वोट देना है, इसलिए उन्हें यह विकल्प प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि एमजीपी अपने दम पर चुनाव लड़ सकती है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए चुनाव पूर्व गठबंधन करने का फैसला किया गया है।

2017 के गोवा विधानसभा चुनावों में, कांग्रेस 40 सदस्यीय सदन में 17 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। लेकिन, उस समय भाजपा ने सरकार बनाने के लिए कुछ क्षेत्रीय संगठनों और निर्दलीय विधायकों के साथ गठबंधन किया था। राज्य में फिलहाल कांग्रेस के चार विधायक हैं।

Vladimir Putin’s visit to India: भारत को देंगे ये खास तोहफा, कूटनीति और सामरिक संबंधों में नई शुरुआत

Wasim Rizvi turns Hindu:यूपी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी हिंदू बने, मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार करना चाहते हैं