अहमदाबादः राजपीपला के गे प्रिंस मनवेंद्र सिंह गोहिल ने गुजरात के आनंद जिले में स्थित सरदार पटेल यूनीवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ सोशल वर्क को संबोधित करते हुए LGBTQA (लेस्बियन, गे, बाइसेक्सुएल, ट्रांसजेंडर, क्वेर और एसेक्सुअल) समुदाय के लोगों के सामने आने वाली चुनौतियों पर बात की. इस दौरान उन्होंने एक चौंकाने वाला दावा किया. उन्होंने कहा कि देश के कई धर्मगुरुओं ने उन्हें यौन संबंध बनाने का ऑफर दिया. बता दें कि गोहिल राजपरिवार के पहले ऐसे सदस्य हैं जिन्होंने खुद के समलैंगिक होने की बात स्वीकारी थी. गोहिल ने स्टूडेंट्स से समलैंगिक लोगों के सामने आने वाली चुनौतियों और परेशानियों पर बात की. 

धारा 377 पर लंबी लड़ाई और हाल ही में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि साल 2013 में सभी धर्मों के लीडर्स पहली बार एक साथ दिखे चाहें वो हिंदू धर्म के हो, ईसाई धर्म के हों, मुस्लिम धर्म के हों या किसी भी धर्म के हों. सभी समलैंगिकता को लेकर अपनी मानसिकता के कारण एक साथ दिखाई दिए थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि मुझे ये बताने में कोई शर्म नहीं समलैंगिकता का विरोध करने वाले धर्मगुरुओं ने मुझे अपने साथ यौन संबंध बनाने का ऑफर तक दिया.  गोहिल ने कहा कि एचआईवी स्क्रीनिंग के दौरान मैंने स्टाफ से आश्रमों में मौजूद लोगों के एचआईवी टेस्ट पर भी जोर दिया. 

उन्होंने बताया कि एलजीबीटी समुदाय के लोगों को पुलिस की तरफ से भी काफी परेशानी उठानी पड़ी है. उन्होंने एक किस्सा शेयर करते हुए बताया कि पुलिस ने हमारे वॉलेटियर्स को केवल इसलिए गिरफ्तार कर लिया क्योंकि जम जागरूकता फैलाने के लिए कॉन्डम बांट रहे थे. जबकि हम ऐसा गुजरात सरकार के अंतर्गत कर रहे थे क्योंकि सरकार की तरफ से ही हमें ऐसा करने को बोला गया था. लेकिन पुलिस ने हमें यह कहते हुए गिरफ्तार कर लिया कि हम समलैंगिकता का प्रचार कर रहे हैं. उन्होंने आगे बताया कि वडोडरा पुलिस ने हमें उनके साथ बगैर कॉन्डम के संबंध बनान के लिए भी फोर्स किया. 

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