नई दिल्ली/ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार हाईटेक योजना में जमीन या फ्लैट खरीदने वालों की सुविधा के लिए परियोजना को पूरा करने की अनुमति देने जा रही है. हाईटेक योजना को उसके तय समय में ही पूरा करना होगा. हाईटेक योजना के बीच आने वाली ग्राम समाज की आरक्षित श्रेणी की जमीनों को भी इसमें शामिल किया जाएगा. इसके लिए राजस्व संहिता में दी गई व्यवस्था का पूरी तरह से पालन करना होगा. जल्द ही इस मामले में कैबिनेट से प्रस्ताव पास करने की तैयारी है.

उत्तर प्रदेश में हाईटेक योजना की शुरुआत आवासी लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया गया था. इस योजना के लिए कुल 13 बिल्डरों ने लाइसेंस लिया लेकिन उनमें से छह बिल्डर्स काम ही शुरू नही कर पाए. सात बिल्डरों ने काम तो शुरू किया लेकिन वे शर्तो के मुताबिक जमीन को व्यवस्था नहीं कर पाए. बिल्डरों ने बुकिंग के माध्यम से पैसे तो जुटा लिए पर सभी को जमीन और फ्लैट नही दे पाए.

हाईटेक योजना को फिर से पूरा करने की योगी सरकार अनुमति देने जा रही है. यह अनुमति फिर से शर्तो के आधार पर दी जाएगी. क्रियाशील हाईटेक टाउनशिन परियोजनाओं के आकार को संबंधित विकास प्राधिकरण के स्तर पर परीक्षण कराते हुए टाउनशिप के लिए अनिवार्य 1500 एकड़ जमीन की सीमा को कम करने पर विचार किया जाएगा. इसमें बिल्डर्स को तीन आम के अंदर संशोधित डीपीआर संबंधित विकास में जमा करना होगा.

इस योजना में बिल्डरों को पांच साल का समय और दिया जाएगा. परियोजना की भूलभूत भौतिक एवं सामाजिक अवस्थापना सुविधाओं के विकास से युक्त क्षेत्र को विकसित या अविसित रूप से परिभाषित किया जाएगा. इसका प्रत्येक चरण भौतिक व सामाजिक अवस्थापना सुविधाओं के प्रावधान की दृष्ट से ‘सेल्फ कंटेंड’ होगा. प्रत्येक चरण का डिटेल ले-आउट प्लान तभी स्वीकृत किया जाएगा.

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