जयपुर/ प्रदेश में कोरोना की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। रोजाना रिकॉर्ड केस सामने आ रहे है। अस्पतालों की स्थिति बिगड़ चुकी है। बेड खत्म हो चुके है, मरीजों को ऑक्सीजन नही मिल, वेंटिलेटर खाली नही है। वहीं इस आपदा काल को भी लोग अवसर बनाने से पीछे नहीं हट रहे हैं। ऐसा ही एक मामला राजधानी जयपुर से सामने आ रहा है। यहां पुलिस ने ऐसा ही एक मामला दर्ज किया है। वहां कुछ लोग कोरोना की फर्जी रिपोर्ट बनाने का काम कर रहा था। फर्जी रिपोर्ट बनाने वाले दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।जानकारी के अनुसार जयपुर के मानसरोवर स्थित डॉ. बीएल लैब व एबी डाइगोनिस्ट के दो कर्मचारी अभिषेक और निखिल फर्जी कोविड रिपोर्ट बनाकर लोगों के साथ खिलवाड़ कर रहे थे।

एसएचओ महावीर सिंह राठौड़ ने बताया कि ये दोनों सदस्य एक गैंग के रूप में कोरोना की फर्जी रिपोर्ट बनाने का काम करते थे। घर-घर जाकर ये दोनों लोगों के सैंपल लेते थे, इसके बाद कोरोना निगेटिव की फर्जी रिपोर्ट तैयार करके दे देते थे। वहीं जो सैंपल घरों से कलेक्ट किया जाता था, उसे रास्ते में ही फेंक देते थे। फिलहाल इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरप्तार कर पूछताछ तेज कर दी है। पुलिस की ओर से ये जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस गैंग में कौन कौन और कितने लोग शामिल है।

इस मामले का खुलासा तब हुआ जब फर्जी कोविड रिपोर्ट के संबंध में एक लैब संचालक ने सोमवार को शिप्रापथ थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी इसमें उसने बताया था कि उनकी लैब के लेटर हैड पर किसी ने फर्जी कोरोना रिपोर्ट तैयार करके एक व्यक्ति को दे दी। शिकायत के बाद पुलिस ने रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर जांच की, तो सामने आया कि ये रिपोर्ट वास्तव में फर्जी थी। इसके बाद पुलिस टीम ने सैंपल लेने व्यक्ति के संबंध में पूछताछ करके जांच की , तो सामने आया कि अभिषेक शहर के अलग-अलग इलाके से लोगों के कोरोना सैंपल लेता है। उसके बाद पुलिस ने अभिषेक व उसके साथी निखिल को गिरफ्तार कर लिया।

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