नई दिल्लीः देश के 5 राज्यों में चुनाव 7 दिसंबर को समाप्त हो रहे हैं. 7 दिसंबर को राजस्थान और तेलंगाना में चुनाव होने हैं. इसके बाद 11 दिसंबर को पांच राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम के परिणाम आ जाएंगे. लेकिन उससे पहले 7 दिसंबर को चुनाव की समाप्ति होने के बाद से ही एक्जिट पोल्स के नतीजे आने शुरु हो जाएंगे. कई चीजें जो चुनाव प्रचार और ओपिनियन पोल के दौरान साफ नहीं हो पाई थी, वे इन एक्जिट पोल्स में साफ हो सकती हैं. हम शुक्रवार शाम 5 बजे से ही इन एक्जिट पोल्स की जानकारी अपने वेबसाइट इनखबर.कॉम पर देते रहेंगे. एक्जिट पोल्स से पहले आइए जान लेते हैं कि विभिन्न राज्यों में चुनावों के प्रति लोगों की क्या राय थी और लोग किस राजनीतिक पार्टी को अपना मत दे रहे हैं.

तेलंगाना
तेलंगाना में 2019 के आम चुनावों के साथ चुनाव होते लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री केसीआर राव ने 2018 में ही विधानसभा भंग करवा दी. उन्हें विश्वास है कि अगर अभी चुनाव होते है तो उन्हें फायदा होगा. चुनाव से पहले विभिन्न ओपिनियन पोल्स भी लगभग यही दावा कर रहे हैं. अब देखना होगा कि एक्जिट पोल और मतगणना के दौरान क्या होता है.

राजस्थान

राजस्थान में हर बार सत्ता परिवर्तन होता है. इस बार राज्य में वसुंधरा राजे की सरकार है, जिसका साफ मतलब होता है कि इस बार चुनावों के दौरान कांग्रेस को लाभ होगा. चुनाव से पहले हुए कई ओपनियन पोल भी लगभग यही कहते हैं. 200 सीटों वाली विधानसभा में ओपिनियम पोल्स कांग्रेस को 150 से अधिक सीटें दे रही हैं. अब देखना यह है कि ऊंट किस करवट बैठेगी.

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में लगातार 15 सालों से बीजेपी की शिवराज सिंह चौहान की सरकार है. इस बार कहा जा रहा है कि बीजेपी को एंटी इनकम्बेसी के तहत सीटों का नुकसान होगा लेकिन राज्य में फिर से शिवराज सिंह चौहान सरकार बना सकते हैं. अब देखना होगा कि एक्जिट पोल में क्या नतीजा आता है.

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में रमन सिंह की बीजेपी की सरकार है. इस बार इस राज्य में कांग्रेस, बीजेपी के अलावा बसपा और अजीत जोगी की जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ भी टक्कर में है, जिसकी वजह से मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है. विभिन्न ओपिनियन पोल्स में भी बीजेपी मामूली ही सही पर बढ़त बनाते हुए दिख रही है.

मिजोरम

मिजोरम में फिलहाल कांग्रेस की सरकार है और यह पूर्वोत्तर राज्यों में एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां पर कांग्रेस ने अपनी सत्ता बचाई रखी है. यहां मुख्य विरोधी पार्टी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) है जो कि केंद्र में एनडीए का हिस्सा है लेकिन राज्य में बीजेपी और एमएनएफ अलग-अलग लड़ रही है. कहा जा रहा है कि चुनाव के बाद अगर एमएमएफ और बीजेपी मिलाकर बहुमत में होंगे तो गठबंधन कर सकते हैं. ओपिनियन पोल्स में भी कांग्रेस का यह किला बचना मुश्किल लग रहा है.

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